
रसड़ा (बलिया)।बाबा साहब ने हमें संविधान में जो अधिकार दिए हैं उसे शत प्रतिशत लागू कराने के लिए हमें संगठित व शिक्षित होकर संघर्ष करना होगा। बाबा साहब दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के मसीहा थे। उन्होंने संविधान का निर्माण कर हमें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया। आज जरूरत है कि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समता मूलक समाज का सृजन करें। संत शिरोमणी रविदास मंदिर परिसर खड़सरा में मंगलवार की देर शाम संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा नेता एवं श्रीमती फुलेहरा स्मारक ग्रुप ऑफ कालेजेज कमतैला के प्रबंध निदेशक ऋषिराज सिंह ने उपर्युक्त विचार व्यक्त किए।

इसके पूर्व उन्होंने विशिष्ट अतिथि प्रमुख समाज सेवी रोहित सिंह, नवजीत सिंह, जावेद अंसारी आदि के साथ बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण व केक काटकर जयंती समारोह का शुभारंभ किया। जावेद अंसारी एवं रोहित सिंह ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर ने समता मूलक समाज की संरचना के लिए आजीवन संघर्षरत रहे। समाज से उंच-नीच की गहरी खाई मिट सके और सशक्त राष्ट्र का नवसृजन की संकल्पना साकार करने के लिए डा. अंबेडकर के विचारों एवं सिद्धांतों को अपनाना बेहद जरूरी है।समारोह को संजय कुमार, डा. मुकेश कुमार, राहुल कुमार, मुन्ना राम, राजू भारती, आकाश उर्फ टिंकू, अभिषेक कुमार, डा. सुमंत कुमार, बिट्टु कुमार, अमन कुमार, गुलशन कुमार, अभिनव कुमार, आजाद, अभिषेक राजभर, अमरनाथ, योगेंद्र, मुनेश्वर, जगरनाथ, साहिल कुमार, आदित्य कुमार, अंशुमान, छोटू आदि रहे।



