
बलिया। संवाददाता उभांव थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमा में चार्जशीट लगाने के बदले पीड़ित महिला से आपत्तिजनक डिमांड करने तथा धमकी देने के मामले तत्कालीन उभांव प्रभारी निरीक्षक संजय शुक्ल, उभांव थाना के क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक तथा वन दरोगा उग्रसेन जायसवाल के खिलाफ पुलिस ने महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक उभांव दिनेश पाठक ने बताया कि रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की मूल निवासी महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाले वन दारोगा उग्रसेन जायसवाल को नौ मार्च को पूर्व के मुकदमा में जमानत मिल गई हैं। उग्रसेन व एसएचओ संजय शुक्ला मुकदमा उठाने के लिए धमकी देते चले आ रहे हैं। मुकदमा न उठाने पर जानमाल के साथ मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने की भी धमकी देते आ रहे हैं। काफी समय बीतने के बाद मुकदमा में नियुक्त जांच अधिकारी नरेश मलिक की ओर से फोन, व्हाट्स कॉल के जरिये अभद्र भाषा एवं अश्लील बात की जा रही हैं। मुकदमे की चार्जशीट भेजने के लिए विवेचक/जांच अधिकारी नरेश मलिक अकेले में मिलने की बात कर रहे हैं। एसएचओ दिनेश पाठक ने बताया कि तीनों पर बीएनएस की धारा 75,79 व 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।



