
25 दिसंबर 2026 से पहले होगा भव्य लोकार्पण,छह माह में बदलेगी विद्यालय की तस्वीर
बलिया। बैरिया विधानसभा क्षेत्र के बादिलपुर गांव स्थित विवेकानंद सरस्वती शिशु मंदिर बघौच बाबूबेल एक बार फिर चर्चा में है। वर्ष 1986 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस विद्यालय का शिलान्यास किया था, अब उसके कायाकल्प की घोषणा से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

रविवार शाम विद्यालय प्रांगण में आयोजित पूर्व कार्यकर्ता बैठक एवं सहभोज कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विद्यालय के नवीनीकरण, 12वीं तक मान्यता दिलाने तथा समुचित व्यवस्थाएं विकसित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती 25 दिसंबर 2026 से पहले विद्यालय का कार्य पूर्ण कर भव्य लोकार्पण किया जाएगा।
अपने संबोधन में मंत्री दयाशंकर सिंह ने अटल जी के उन शब्दों को याद किया, जब शिलान्यास के दौरान उन्होंने कहा था कि “कहीं ऐसा न हो कि इस शिला के उद्धार के लिए भी किसी राम को अवतरित होना पड़े।” वर्षों से जर्जर पड़े विद्यालय की स्थिति को लेकर कही गई यह बात आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि यह विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि अटल जी की स्मृतियों और संस्कारों का प्रतीक है। यहां कम शुल्क में गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत संस्कार दिए जाते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा नेता एवं विद्यालय के शिक्षक सहदेव मिश्र के स्वागत गीत से हुई। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, विनोद शंकर दुबे, जयप्रकाश साहू, अरविंद सिंह सिंगर, डॉ. सुनील ओझा, अमित कुमार, अश्वनी ओझा, मनोज चतुर्वेदी, सुशील पांडेय, कामेश्वर तिवारी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को अयोध्या प्रसाद हिंद, अनिल पांडेय, अनिल सिंह तथा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बेलहरी मृत्युंजय तिवारी ‘बबलू ’ समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया। बबलू जी ने एनएच-31 मुख्य मार्ग से विद्यालय तक पक्की सड़क बनवाने की घोषणा की।
विद्यालय के प्रबंधक योगेंद्र नाथ ओझा ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन राजनारायण तिवारी ने किया।



