अध्यात्मकार्यक्रमबलियारसड़ा

नवकुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ में श्रीराम कथा के मार्मिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में किया सराबोर


रसड़ा (बलिया)।सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नवकुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ के सातवें दिन शुक्रवार को देर शाम को श्रीराम कथा के मार्मिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी ने भगवान श्रीराम के वन गमन प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए केवट प्रसंग को अत्यंत जीवंत शैली में प्रस्तुत किया।

इसे सुनकर उपस्थित जनसमूह भाव विभोर हो गये। प्रभु राम केवट संवाद में केवट का अन्यय प्रेम और प्रभु राम की विनम्रता प्रकट होती है।केवट प्रभु राम के पांव पखारने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहता है कि मैं बिना पांव पखारे नाव में आपको नहीं बैठाऊंगा, क्योंकि मुझे डर है कि कहीं प्रभु राम के पांव के धूल से मेरी नाव भी नारी ना बन जाए।केवट प्रभु राम के कोमल चरणों को देखकर सजल नेत्रों से कहता है कि राजा प्रजा को आदेश देता है लेकिन आप जगत के मालिक होते हुए भी कितनी विनम्रता से नाव मांग रहे हैं।केवट प्रभु राम से उतराई के रूप में कुछ नहीं मांगता है बल्कि प्रभु से भक्ति का वरदान मांगता है।केवट की भावना निष्काम भक्ति और निष्कपट प्रेम का अद्भुत उदाहरण है।

कथा ने केवट संवाद को भावपूर्ण स्वर में दोहराया। केवट प्रभु राम से कहता है मैं तो यहां आपको पार लगा दूंगा, किंतु वहां भवसागर में आप मुझे पार लगा दीजिएगा।इसके बाद जब गौरव की गौरी ने “मेरे राम जी उतरेंगे पार हे गंगा मैया धीरे-धीरे बह “भजन का गायन किया तो पूरा पंडाल अत्यंत भावुक हो गया।इस दौरान आयोजनकर्ता गोविंद नारायण सिंह, भाजपा नेत्री सुषमा शेखर, ऋषिराज सिंह, कृष्णा राज सिंह, मीरा सिंह आदि रहीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button