
जीजीआईसी में मजदूर दिवस पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान
बलिया । राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, जनपद शाखा द्वारा शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) के नवनिर्मित सभागार में समारोहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन की कार्यकारिणी का विस्तार किया गया तथा नव-चयनित पदाधिकारियों और सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
मजदूर दिवस का महत्व बताया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मजदूर दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। बताया गया कि 1 मई 1886 को श्रमिकों के अधिकारों के लिए बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसके बाद 1889 में पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि यह दिन मेहनतकशों के संघर्ष, बलिदान और योगदान को सम्मान देने का प्रतीक है। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों, उचित वेतन और सुरक्षित कार्यस्थल की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला मंत्री विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि मजदूर दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता का भी दिन है।
कर्मचारी नेता सुशील कुमार त्रिपाठी ने बताया कि भारत में पहला मजदूर दिवस 1 मई 1923 को मद्रास (चेन्नई) में मनाया गया था। उन्होंने कहा कि आज भी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम वेतन और सुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकारिणी विस्तार व सम्मान समारोह
कार्यकारिणी विस्तार में घनश्याम चौबे को संघर्ष समिति का वरिष्ठ चेयरमैन बनाया गया। अन्य पदों पर कई सदस्यों को मनोनीत किया गया, जिन्हें डॉ. अखिलेश राय एवं डॉ. राजेश पाण्डेय ने शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मचारियों धर्मनाथ गोस्वामी, अरविंद सिंह, करुणेश श्रीवास्तव, अखिलेश सिंह एवं राजेंद्र सिंह को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय व संचालन जिला मंत्री विनोद कुमार मिश्र ने किया।



