
बलिया। संवाददाता बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर फुलवरिया में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवत्व व आध्यात्मिक चेतना आदि के बारे में बताया। कहा कि संसार पर भरोसा करने वाले को निश्चित ही धोखा मिलेगा लेकिन जो भोलेनाथ पर भरोसा करता है, उसको कभी धोखा नहीं मिलता है। वह सारे सांसारिक सुखों को भोगते हुए अंत मे इस सांसारिक मोह माया से मुक्त हो जायेगा। कथा का शुभारम्भ पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पर बैठने से पहले विघ्नहर्ता श्री गणेश जी व भोलेनाथ की पूजा करने के बाद किया गया। आयोजक परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और इनके अनुज धर्मेंद्र सिंह के साथ परिजनों ने व्यासपीठ की वैदिक रीति से पूजा किया। भगवान शिव का रहस्य ‘एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल है’। शिव पर एक लोटा जल चढ़ाने के महात्म को बताते हुए कहा कि आपका अगर कोई चीज भूलती है तो आप गुमशुदा केंद्र जाते हैं। जब कोई पूछताछ करनी होती है तो पूछताछ केंद्र जाते है। लेकिन शिव महापुराण की कथा कहती है कि अगर आप दुनिया मे चारों तरफ संकट, विपत्तियों व दु:ख से घिर जाये, कही कोई नजर न आये तो इन समस्याओं को दूर करने का केंद्र है शिव का मंदिर शिवालय। आप दिल से एक लोटा जल चढ़ाना शुरू कीजिये, भोलेनाथ तक आपकी अर्जी पहुंच जायेगी और मेरा शिव सारे कष्टों, संकटों को दूर कर देता है। एक भरोसा शिव के प्रति हमारे सारे संकटों का नाश कर देता है। इसीलिए कहा जाता है, शिव को एक लोटा जल अर्पण करना सारी समस्याओं का समाधान है। जब आप एक लोटा जल लेकर भगवान भोलेनाथ के पास जाते हैं और संकल्प करते हैं कि हे शिव मेरा यह एक लोटा जल लेकर मेरा जीवन बदल दो। आपका यही समर्पण, शिव के प्रति आस्था आपका जीवन बदल देगी।

अधिक मास में क्यों दान की जाती है 33 चीजें
बलिया। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते है। इस मास मे दान करने का विशेष महत्त्व है। इस मास मे चाहे आप मालपुआ दान करें, पूड़ी दान करें, मिष्ठान दान करें, उसकी संख्या 33 होती है। आपने कभी विचार किया है कि 33 चीजे ही दान क्यों की जाती है, अधिक या कम क्यों नहीं? आपको बताता हूं । तीस चीजें तो एक माह के लिये होती है लेकिन 31वीं चीज उसके लिये दान की जाती है जो हमारे बहन बेटी के घर खाना खाने से दोष लगा हो, वह कट जाये। 32 वीं चीज उस दोष को दूर करने के लिये दान की जाती है जो अनजाने मे किसी सूतक वाले घर का पानी पीने से लगा होता है। 33 वीं चीज उस दोष को दूर करने के लिये दान की जाती है जो गुरु व ब्राह्मण के घर खाने से हमें लगा होता है। कथा वाचक प्रदीप मिश्र ने पार्थिव शिव लिंग की महता बताते हुए कहा कि शिवरात्रि के दिन जो भी पार्थिव पूजन करता है उसे सहस्त्रों शिव लिंग पूजा का पुण्य मिलता है। इस दौरान कथा समापन पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, मृत्युंजय तिवारी बबलू आदि ने आरती किया।





