
दुबहड़,(बलिया )। स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम नायक शहीद मंगल पांडे की जन्मस्थली नगवां में गुरुवार को आदिगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी स्मारक परिसर में पहुंचकर मंगल पांडे की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित का याद किया। इस दौरान स्वामी जी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि शहीद मंगल पांडे भी उस समय गौ हत्या के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई थी उन्होंने गाय की चर्बी लगी कारतूस को चलाने से इनकार कर दिया था मंगल पांडे सच्चे देश भक्त थे। मैं उन्हें नमन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।इस दौरान क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने उपस्थित सभी सन्यासियों का पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया ।

शहीद मंगल पांडे स्मारक समिति के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब कोई जगद्गुरु शंकराचार्य इस पावन धरती पर पधारे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी जी जिस महान उद्देश्य (गौ-रक्षा) को लेकर निकले हैं, उसमें बलिया निश्चित रूप से पूरे देश को एक नई दिशा देने का काम करेगा। उत्तर प्रदेश में गौ-हत्या पूर्णतः प्रतिबंधित होनी चाहिए। किसी को भी हिंदू धर्म और आस्था से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि स्वामी जी ने जन-जागरण की जो मशाल जलाई है, उसकी शुरुआत हो चुकी है। यदि शीघ्र ही गौ-हत्या पर कड़ा अंकुश नहीं लगा, तो यह जन-उत्साह एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा। इस अवसर पर विजय शंकर तिवारी, सुनील पाठक, हरे राम पाठक, हरिशंकर पाठक, पालू पाठक, विजय शंकर यादव, पूर्व प्रधान अखार सुनील सिंह, लकी सिंह, राजेश पाठक, गिरधर पाठक आदि लोग मौजूद रहे।



