गोविष्टि यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब,गौ रक्षा का लिया संकल्प

लालगंज (बलिया)। क्षेत्र के मुरारपट्टी मठिया पर गुरुवार को प्रदेशव्यापी गोविष्टि यात्रा के तहत पधारे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गाय के बिना सत्कर्म समाप्त हो जाएंगे और पूजा अधूरी रह जाएगी। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ में गाय का घी, दूध, दही, गोमूत्र तथा गोबर अत्यंत उपयोगी और पवित्र सामग्री मानी गई है।इसके बिना पूजा अधूरा हैँ l

स्वामी जी ने सनातन धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म के सात स्तंभ हैं, जिनमें पहला स्तंभ गौ है। यदि गौ समाप्त हो जाएगी तो सनातन धर्म का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि गाय को समाप्त करने का षड्यंत्र पूरे विश्व में चल रहा है। भारत को विश्वगुरु बनाने की बातें तो की जा रही हैं, किंतु भारतीय संस्कृति की रक्षा और सुरक्षा के प्रति अपेक्षित जागरूकता नहीं दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा गाय को पशुओं की सूची में रखा गया था, लेकिन आज तक स्वयं को सनातनी कहने वाले नेता भी गाय को उस सूची से बाहर नहीं निकाल सके। जिस गाय को भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा दिया गया है, वही आज अपने देश में सुरक्षित नहीं है और उसका अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है।
इस दौरान स्वामी जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ रक्षा की शपथ दिलाई। शंकराचार्य जी का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन एवं आरती की गई। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने माला और अंगवस्त्र भेंटकर उनका सम्मान किया।
कार्यक्रम में जय नारायण तिवारी, पुरुषोत्तम तिवारी, मिथिलेश दुबे, सुजीत दुबे, गोल्डेन ओझा, अजीत तिवारी, मुरलीधर दुबे, उपेंद्र पाठक, धर्मवीर उपाध्याय, गौरीशंकर पाठक, मुन्ना राम सहित क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।



