
बलिया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में यूपी के बलिया निवासी राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने बलिया के आनंद नगर निवासी राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया है। पुलिस को शक है कि वह शार्पशूटर है। इसके अलावा बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य नामक दो अन्य संदिग्ध शूटर्स को भी पकड़ा गया है। तीनों आरोपियों को कोर्ट ने 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
पोस्टर आया सामने, खुद को बताया क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव
गिरफ्तारी के बाद राज सिंह का एक पोस्टर सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। मोहल्ले के लोगों के अनुसार राज राजनीति में सक्रिय होना चाहता था और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।
घर पर लटका मिला ताला, रात में पहुंची थी टीम
राज सिंह बलिया सदर कोतवाली क्षेत्र के आनंद नगर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद उसके घर पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों ने बताया कि रविवार देर रात कई गाड़ियों से कुछ लोग आए थे और मोहल्ले के लोगों से पूछताछ की थी। राज की मां जामवंती सिंह पहले ही घर बंद कर कहीं चली गई थीं।
पहले भी गोलीकांड में आया था नाम
पड़ोसियों के मुताबिक राज सिंह के पिता केशव सिंह का निधन हो चुका है। करीब तीन साल पहले एक अंडा दुकानदार को गोली मारने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
वकील का दावा- बिना ट्रांजिट रिमांड के उठाया गया
राज सिंह के अधिवक्ता हरिवंत सिंह ने सोमवार को जिला कोर्ट परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी प्रक्रिया गलत तरीके से की गई, क्योंकि ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया गया।
वकील ने आरोप लगाया कि राज सिंह का “अपहरण” करके ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास 4, 5 और 6 अप्रैल की सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जिनमें राज अपने घर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में डीआईजी, आईजी, डीजीपी और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
मां बोलीं- बेटे को फर्जी तरीके से फंसाया गया
राज सिंह की मां जामवंती Singh ने बेटे पर लगे आरोपों को पूरी तरह फर्जी बताया है। उनका कहना है कि पूरा परिवार अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने गया था, जहां से एसओजी टीम ने राज सिंह समेत परिवार के चार लोगों को हिरासत में लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक दिन तक थाने में रखने के बाद बंगाल पुलिस राज सिंह को फ्लाइट से पश्चिम बंगाल ले गई। मां का दावा है कि घटना वाले दिन के सभी फुटेज उनके पास मौजूद हैं, जो बेटे की बेगुनाही साबित करेंगे।
सीबीआई जांच की मांग
परिवार का कहना है कि राज सिंह का कभी कोलकाता या पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं रहा। परिजनों के मुताबिक वह क्षत्रिय महासभा से जुड़ा रहा है, जबकि उसकी मां बलिया के रसड़ा डाकघर में कर्मचारी हैं। परिवार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।



