अध्यात्मकार्यक्रमबलिया

श्रीराम महायज्ञ में गूंजे वैदिक मंत्र, शिव विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु


बांसडीह (बलिया)। क्षेत्र के श्रीरामजानकी मठिया कीर्तुपुर में आयोजित श्रीराम महायज्ञ के दूसरे दिन शनिवार की सायं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंडप पूजन एवं वेदी पूजन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।
वाराणसी से आए विद्वान ब्राह्मणों एवं आचार्यों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया। शंखनाद एवं वैदिक ऋचाओं की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
सायंकाल आयोजित कथा प्रवचन में कथावाचक साधना शास्त्री ने भगवान शिव विवाह का मनोहारी प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का विवाह केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि प्रेम, तपस्या, समर्पण और सनातन संस्कृति का दिव्य संदेश है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी अटूट भक्ति एवं साधना से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने विवाह स्वीकार किया।

कथा के दौरान शिव बारात का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव की बारात संसार की सबसे अनोखी बारात थी, जिसमें देवी-देवताओं के साथ भूत, प्रेत, पिशाच एवं शिवगण भी शामिल थे। भगवान शिव भस्म रमाए, गले में सर्प धारण किए एवं नंदी पर सवार होकर जब बारात लेकर पहुंचे तो माता मैना देवी आश्चर्यचकित हो उठीं।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव बाहरी स्वरूप नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम को स्वीकार करते हैं। शिव विवाह का प्रसंग मानव जीवन को सरलता, त्याग और समर्पण का संदेश देता है। जहां भक्ति और विश्वास होता है, वहीं भगवान का वास होता है।
महायज्ञ के यज्ञाधीश सियाराम दास कन्हैया दास महाराज के सानिध्य में चल रहे इस धार्मिक आयोजन में यज्ञाचार्य अमित शास्त्री वैदिक अनुष्ठानों का संचालन कर रहे हैं। वहीं वृंदावन से आई रामलीला एवं रासलीला मंडली श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इस अवसर पर राघवेंद्र नाथ श्रीवास्तव, कौशल सिंह, राजनरायन सिंह, राजाजी, रामकृपाल सिंह, जयप्रकाश यादव, राहुल सिंह, विकास सिंह, शशिकांत सिंह, धर्मराज सिंह, राकेश वर्मा, विश्वकर्मा वर्मा, संजय सिंह उर्फ गांधी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button