
बांसडीह (बलिया)। क्षेत्र के डुहिमुसी गांव में रविवार की देर रात खाना बनाते समय लगी आग से एक ही परिवार की चार रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। घटना में घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े, साइकिल सहित करीब दो लाख रुपये की नकदी जलकर नष्ट हो गई। हादसे के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी पशुपति नाथ सिंह की पत्नी पुष्पा सिंह लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रही थीं। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी ने झोपड़ी में आग पकड़ ली। पछुआ हवा के तेज झोंकों के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की चार रिहायशी झोपड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।
पीड़ित पशुपति नाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में गेहूं और आम का बगीचा बेचकर करीब दो लाख रुपये नकद घर में रखा था। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा ड्रम में भरा चावल, गेहूं, कपड़े, साइकिल और नकदी निकालने का मौका तक नहीं मिला और सब कुछ जलकर राख हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक परिवार की पूरी गृहस्थी नष्ट हो चुकी थी।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता एवं मुआवजे की मांग की है।



