
लालगंज (बलिया) । विकास खंड मुरली छपरा की ग्राम पंचायत मुरारपट्टी में तैनात सचिव संजय चौरसिया पर लगे फर्जी भुगतान और अवैध वसूली के आरोप जांच में सही पाए गए हैं। यह आरोप ग्राम प्रधान मुन्नाराम द्वारा लगाए गए थे, जिनकी जांच एडीओ पंचायत अवधेश पांडेय ने की।
जांच के दौरान एडीओ पंचायत ने सबसे पहले क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश कार्य धरातल पर मौजूद ही नहीं हैं, जबकि उनके नाम पर भुगतान दिखाया गया है।
इसके बाद पंचायत भवन पर जांच की गई, जहां रोजगार सेवक ने बताया कि अब तक किसी भी प्रकार की स्टेशनरी की आपूर्ति नहीं हुई है। इसके बावजूद सचिव द्वारा स्टेशनरी के नाम पर हजारों रुपये के भुगतान का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया है।
जांच टीम प्राथमिक विद्यालय मुरारपट्टी भी पहुंची, जहां मीना पूर्व माध्यमिक विद्यालय में टाइल्स लगाने के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान दिखाया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि करीब छह माह पहले ही इस कार्य का भुगतान निकाल लिया गया था, लेकिन वास्तविक कार्य जांच शुरू होने के मात्र तीन दिन पहले ही शुरू कराया गया।
इस स्थिति को देखकर एडीओ पंचायत भी हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






