
रसड़ा (बलिया)।बाबा रामदल सूरजदेव स्मारक पी.जी. कॉलेज, पकवाइनार में चल रहे 93 यूपी बटालियन एनसीसी के 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-282 के आठवें दिन शुक्रवार को कैडेट्स के लिए साइबर सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैडेट्स को डिजिटल सुरक्षा, महिला अधिकार एवं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कैंप कमांडेंट कर्नल अनुराग तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स को तकनीकी रूप से जागरूक, अनुशासित एवं सामाजिक रूप से संवेदनशील बनना चाहिए, ताकि वे समाज में जागरूक नागरिक की भूमिका निभा सकें।साइबर सुरक्षा विषय पर व्याख्यान देते हुए पकवाइनार पुलिस चौकी प्रभारी आशुतोष मद्धेशिया एवं साइबर क्राइम सेल के विशेषज्ञ प्रिंस प्रजापति ने कैडेट्स को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग तथा फेक लिंक से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग की जानकारी देते हुए डिजिटल स्वच्छता अपनाने पर बल दिया।महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित व्याख्यान में रसड़ा कोतवाली की महिला सब इंस्पेक्टर प्रिया मौर्या ने कैडेट्स को आत्मरक्षा, महिला सुरक्षा कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर एवं आत्मविश्वासी बनना चाहिए। डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल रविंद्र किंगरा ने कहा कि महिलाओं को आत्मरक्षा सम्बन्धी कानून के प्रति जागरूक होना चाहिए ।
कार्यक्रम के दौरान महिला अधिकारों से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। प्रश्नोत्तर सत्र में कैडेट्स ने साइबर अपराध एवं महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। पूरे कार्यक्रम में कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर मेजर राजप्रकाश सिंह, कैप्टन अजय प्रताप सिंह, ले. हरिश्चंद्र पटेल, ले. पंकज सिंह, डॉ. अब्दुलरब, संजय कुमार यादव, सूबेदार मेजर दिनेश कुमार, राम निशान सिंह, सूबेदार विजय कुमार, सूबेदार निर्मल थापा, सूबेदार दिलीप कुमार, हेमंत कुमार, आर्यन सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव और मोहम्मद उमर कुरैशी, निक्की प्रजापति एवं रसड़ा थाने से वीरेंद्र पटेल, अरुण सरोज, सतीश चंद्र, सहित सभी पीआई स्टाफ, सिविल स्टाफ एवं जीसीआई उपस्थित रहीं।



