
बलिया। जनपद भर में अवैध तरीके से संचालित हो रहे निजी अस्पताल, पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने जांच कराकर कार्रवाई शुरू कर दी है।इसी क्रम में शनिवार को रसड़ा के उप जिलाधिकारी रवि कुमार व नोडल अधिकारी डॉ. तीर्थ राज के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कस्बा के आधा दर्जन से अधिक जगहों पर छापामारी की गई। इस कार्रवाई से अवैध संचालकों में हड़कंप मच गया।इसकी भनक लगते ही कई अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथोलॉजी और अस्पताल को उसके संचालक कार्रवाई की डर से बंदकर फरार हो गए।

जांच टीम ने रसड़ा में कोटवारी मार्ग स्थित काली माता मंदिर के पास संचालित रूद्रांश हॉस्पिटल व सीएचसी के पास स्थित शापिंग कांप्लेक्स में मारिया अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया।इस कार्रवाई की डर से उसके संचालक टीम को देखते ही अस्पताल छोड़ कर फरार हो गए। इसके साथ ही टीम रसड़ा के आशा पैथोलॉजी सेंटर, अहीरपुरा स्थित ऋषि हॉस्पिटल व कोटवारी मोड़ स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल पहुंची। इनके संचालकों द्वारा इससे संबंधित कोई कागजात नहीं दिखाए जाने पर उन्हें नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा गया है। इससे एक दिन पहले भी छितौनी स्थित मुस्कान हॉस्पिटल में चल रहे अल्ट्रासाउंड कक्ष को भी सील किया गया है।इस अभियान टीम में सीएचसी रसड़ा के अधीक्षक डॉ. मनीष जायसवाल, हेल्थ एजुकेटर अजय कुमार सिंह के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी रहे।

रसड़ा में बगैर मानक के संचालित हो रहे हैं अल्ट्रासाउंड सेंटर
बलिया। जिले के कई नर्सिंग होम में कई प्रसूता और बच्चों की हुई मौत के बाद जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ अभियान चलाकर जांच के बाद कार्रवाई शुरू कर दिया है। कार्रवाई के बावजूद भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में निजी अस्पताल, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना मानक के स्वास्थ्य विभाग की रहमों करम पर संचालित हो रहे हैं। बताया जाता है कि रसड़ा कस्बा और नगरा क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटरों की भरमार हो गई है।इन दोनों जगहों पर विशेष कर सरकारी अस्पताल के पास ही धड़ल्ले से बिना मानक के दोनों सेंटर संचालित हो रहे हैं। बताया जा रहा है शनिवार को रसड़ा में जांच के दौरान की गई कार्रवाई में अनदेखी की गई है। जांच टीम शापिंग कांप्लेक्स के पास एक अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की तो उसके कागजात ओके मिलने पर वहां से टीम आगे बढ़ गई। जबकि बताया जा रहा है कि अल्ट्रासाउंड बिना मानक का ही संचालित हो रहा है।



