
रसड़ा,(बलिया)। नगर के विरनजी अग्रवाल के कटरे में व्यापारियों ने व्यापारी नेता सुरेश चन्द और जहीर अहमद के नेतृत्व में रसड़ा तहसील की स्थापना दिवस के 146वें वर्षगांठ पर केक काटकर और मिष्ठान वितरण कर खुशियां मनाई।इस दौरान आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सुरेश चन्द ने कहा कि वर्ष 1879 में आजमगढ़ और गाजीपुर जनपद के कुछ हिस्सों को उनसे अलग कर बलिया जिले का सृजन किया गया था जिसके अंतर्गत बांसडीह तथा रसड़ा तहसील का गठन किया गया था। इसके पूर्व रसड़ा, गाजीपुर जनपद के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण तहसील था। रसड़ा पूर्वकाल में काफी समृद्ध रहा है। यहां गन्ने के रस से देशी चीनी बनाने का कुटीर उद्योग बहुतायत से था। इतिहासवेत्ताओं के अनुसार गन्ने के रस को सड़ाकर देशी चीनी बनता था, यही कारण रहा कि इस कस्बे के नामकरण का रहा। रस+अड़ा जिससे रसड़ा नाम पड़ा। जहीर अहमद ने वर्तमान समय की तुलना पुराने समय से करते हुए कहा कि पहले रसडा़ में कताई एवं चीनी मिल हुआ करती थी जो यहां के व्यवसायियों के साथ ही किसानों और कामगारों के आर्थिक स्वावलंबन में बहुत सहायक थे। वर्तमान में दोनों मिल बन्द हो चुकी है और दूसरा कोई उद्योग है नहीं। इस अवसर पर दीपक बरनवाल, महताब आलम, मंगरु, रियाज अहमद, राजू गुप्ता, राजेश साहू, शकील अहमद, तनवीर आलम, अंशु गुप्ता, महताब, रवि कुमार, अंकित जायसवाल आदि व्यापारीगण उपस्थित थे। संचालन मनोज कुमार गुप्ता ने किया।



