
सिकंदरपुर(बलिया)। सिवानकला गांव में ग्राम पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल के मुख्य द्वार पर बन रहे अंबेडकर प्रेरणा द्वार को लेकर बुधवार को विवाद बढ़ गया। राजभर समाज की कुछ महिलाओं ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर इसका विरोध किया और इसे महाराजा सुहेलदेव द्वार के रूप में बनाने की मांग उठाई। विरोध के दौरान गेट का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

स्थानीय लोगों में संतोष यादव, हर्ष देव राम, कमलेश राम, चंद्रेश्वर राम, मनीष राम, अजीत कुमार, विद्यासागर एडवोकेट, मीरा देवी, राजकुमारी देवी, कमलावती और विंदा देवी ने बताया कि अंबेडकर द्वार का निर्माण ग्रामीणों की सहमति से चल रहा था। उनका कहना है कि अचानक राजभर समाज के कुछ लोग पहुंचकर गेट तोड़ने लगे। आरोप यह भी है कि विरोध के दौरान कुछ लोग प्रधान तारीख अजीज के घर तक गए और जातिसूचक टिप्पणियां कीं, जिससे असंतोष और बढ़ गया।
राजभर समाज की मांग है कि गांव में द्वार का नामकरण महाराजा सुहेलदेव के नाम पर किया जाए। दूसरी ओर हरिजन समाज और ग्राम प्रधान का कहना है कि आगामी प्रधानी चुनाव को देखते हुए कुछ लोग माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और दोनों पक्षों से बात की। हरिजन समाज ने प्रशासन से मांग की है कि द्वार का निर्माण बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम से ही पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिलता तो वे उच्चाधिकारियों से संपर्क करेंगे। प्रभारी निरीक्षक मूलचंद चौरसिया ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई तहरीर मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की निगरानी में स्थिति नियंत्रण में है।



