
बलिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), गोरक्ष प्रांत का 65वां प्रांत अधिवेशन 13 से 16 नवंबर तक बलिया के श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भव्य रूप से आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर कॉलेज परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रांत मंत्री मयंक राय, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ऋषभ सिंह, प्रांत मीडिया संयोजक शिवम पांडेय, अधिवेशन व्यवस्था प्रमुख डॉ. ज्ञानेंद्र नाथ सिंह और साक्षी सिंह उपस्थित रहे।
प्रांत मंत्री मयंक राय ने बताया कि इस अधिवेशन का थीम “विकसित भारत के लक्ष्य एवं युवा नेतृत्व” रखा गया है, जिसके माध्यम से राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। अधिवेशन में गोरक्ष प्रांत के सभी 17 जिलों से लगभग 1500 कार्यकर्ता शामिल होंगे। अधिवेशन परिसर में अमर शहीद मंगल पांडेय नगर की स्थापना की जाएगी, जहां मुख्य सभागार का नाम जयप्रकाश नारायण सभागार होगा। परिसर के विभिन्न स्थलों का नाम भारतीय संस्कृति और इतिहास से प्रेरित विभूतियों पर रखा गया है — जैसे अन्नपूर्णा रसोई, वीर कुंवर सिंह छात्रावास, रानी अब्बक्का निवास, और हजारी प्रसाद द्विवेदी आवास।
अधिवेशन स्थल पर परिषद कार्यकर्ताओं द्वारा एक भव्य प्रदर्शनी का निर्माण किया जा रहा है, जो बलिया की क्रांतिकारी विरासत, स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाएगी। यह प्रदर्शनी युवाओं में देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करेगी।
चार दिवसीय अधिवेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जिनमें शिक्षा संस्थानों में मनमानी शुल्क वृद्धि पर नियंत्रण, परीक्षा परिणामों की त्रुटियों पर अंकुश, खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सख्त कानून, और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
अधिवेशन में दो प्रमुख विचार-सत्र होंगे — पहला “संघ शताब्दी वर्ष” के अंतर्गत “पंच परिवर्तन” पर आधारित होगा, जबकि दूसरे सत्र में प्रा. यशवंत राव केलकर के जीवन दर्शन और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान पर चर्चा होगी।
अधिवेशन की रूपरेखा के अनुसार —
13 नवंबर को प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा,
14 नवंबर को अधिवेशन का औपचारिक शुभारंभ,
15 नवंबर को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो एमएमटीपीजी कॉलेज से शुरू होकर टीडी कॉलेज चौराहे तक जाएगी। इस यात्रा में लगभग 1500 कार्यकर्ता पारंपरिक परिधानों में परिषद के ध्वज के साथ सहभागी होंगे।
16 नवंबर को अंतिम सत्र में आगामी वर्ष 2025–26 के लिए नई प्रांत इकाई की घोषणा की जाएगी।
अधिवेशन व्यवस्था प्रमुख डॉ. ज्ञानेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि बलिया की धरती इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। आवास, भोजन, परिवहन व अन्य सभी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुनिश्चित कर ली गई हैं ताकि कार्यकर्ताओं को सर्वोत्तम संगठनात्मक अनुभव प्राप्त हो सके।



