
दुबहड़,(बलिया)। थाना क्षेत्र के रामपुर टीटीही गांव के उत्तर खेतों में रविवार की दोपहर बिजली के तारों में हुए शॉर्ट सर्किट से निकले चिंगारी से गेहूं के खड़े फसल जलकर खाक हो गया। इस अग्निकांड में कई किसानों की साल भर की गाढ़ी कमाई और मेहनत चंद मिनटों में जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि गेहूं के खेतों के आगे जनेरा (चरी) की हरी फसल होने के कारण आग पर स्वतः ब्रेक लग गया, जिससे एक बड़ी तबाही टल गई।

गांव के किसान नागेश्वर सिंह ने बताया कि रविवार दोपहर गांव के उत्तर दिशा में स्थित बिजली के खंभे पर लगे जंफर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। उससे निकली चिंगारी सीधे नीचे खड़े गेहूं के सूखे खेत में जा गिरी। पछुआ हवा के झोंकों के बीच आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। खेतों से उठती आग की लपटें और काला धुआं देखकर ग्रामीण बदहवास होकर अपने खेतों की ओर दौड़े और निजी संसाधनों से आग बुझाने में जुट गए।थानाध्यक्ष अजय पाल ने बताया कि इस अग्निकांड में मुख्य रूप से पांच किसानों की फसल नष्ट हुई है। ग्रामीणों के अनुसार कुल नुकसान करीब ढाई दीघा के करीब हो सकता है, जिसमे सुभाष वर्मा का एक बीघा, देवनाथ यादव का दस कट्ठा,बीरबल राम का दस कट्ठा, रामजी यादव का दस कट्ठा, जितेंद्र यादव दस कट्ठा और शिवनाथ गुप्ता का दस कट्ठा गेहूं का खड़ा खेत जलकर खाक हो गया है।
वही किसान सुभाष वर्मा ने बताया कि हमलोगों ने 15,000 रुपए प्रति बीघा के हिसाब से खेत लगान पर लिया था। महंगे बीज और खाद डालकर फसल तैयार की थी कि परिवार का भरण-पोषण हो सके। इस आग ने मेरी कमर ही तोड़ दी है। घटना की सूचना मिलते ही दुबहर थानाध्यक्ष अजय पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की गाड़ि मौके पर पहुँचकर आग पर पूरी तरह काबू पाया और उसे आगे फैलने से रोका। फसल जलकर राख होने के बाद पीड़ित किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने जिला प्रशासन से लेखपाल को मौके पर भेजकर सर्वे कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है ताकि वे इस भारी नुकसान से उबर सकें।



