
रसड़ा (बलिया)क्षेत्र के सुल्तानीपुर गांव में 21 फरवरी से एक मार्च तक नौ दिवसीय आयोजित होने वाले नव कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ को लेकर प्रथम दिन शनिवार को सुबह आठ बजे यज्ञ मंडप स्थल से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सबसे आगे हाथी-घोड़ा, ऊंट के साथ ही बैंड-बाजे, ढोल, नगाड़े चल रहे थे।यह कलश यात्रा यज्ञ मंडप से प्रारंभ होकर क्षेत्र के राघोपुर, कमतैला, सिंगही, छितौनी के रास्ते रसड़ा नगर के प्यारेलाल चौराहा, रोडवेज बस स्टेशन, चंद्रशेखर आजाद चौराहा से होकर पुनः छितौनी, सिंगही से श्रीनाथ बाबा मठ महाराजपुर होते हुए शिव मंदिर मठ खड़सरा से गंगाजल भरकर करीब पंद्रह किलोमीटर की दूरी तक भक्तिमय गगनभेदी नारों के साथ भ्रमण करते हुए यज्ञ मंडप स्थल पर पहुंच कर संपन्न हुआ।

कलश यात्रा में क्षेत्र के दर्जन भर गांवों के लोगों ने सहभागिता की। इसमें करीब 1100 की संख्या में बालिकाएं, युवतियां और महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं।इस कलश यात्रा में रथ पर वृंदावन से पधारे 111 वर्षीय संत बेरा बाबा महाराज, अयोध्या से पधारीं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका गौरी गौरांगी, वाराणसी के यज्ञाचार्य आचार्य पंडित अश्वनी पाराशर के साथ ही मीरा सिंह पूर्व प्रधान, गोविंद नारायण सिंह, श्रीप्रकाश नारायण सिंह, मंटू सिंह, ओमकार सिंह, सुरेश सिंह, राममिलन सिंह, बासुदेव सिंह, प्रमोद सिंह, राजेश सिंह, लल्लन सिंह, वशिष्ठ नारायण सोनी, अनिल सिंह, जयराम सिंह, सतीश सिंह, कमला सिंह, ऋषिराज सिंह, इंद्रदेव सिंह आशुतोष पांडे, चुन्नू सिंह आदि रहे।



