गंगा में बालू के टीले बनने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित,ड्रेजिंग कार्य जारी

लालगंज (बलिया) । क्षेत्र में गंगा नदी में बालू के टीले उभर आने से मालवाहक जहाजों के आवागमन में हो रही असुविधा को देखते हुए नदी में ड्रेसिंग व ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य हल्दिया बंदरगाह से इलाहाबाद तक मालवाहक जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।
कटान के कारण गंगा में बालू के टीले बनने से जलधारा प्रभावित हो गई थी। पहले जगदीशपुर गांव के सामने गंगा की बीच धारा में बंडाल बांधकर धारा मोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन इससे जहाजों का आवागमन सुगम नहीं हो सका। इसके बाद प्रशासन द्वारा ड्रेजिंग का कार्य आरंभ किया गया, जिससे मालवाहक और क्रूज जलयान आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

तटवर्ती गांवों के लोगों का कहना है कि जब भी बंडाल बांधकर गंगा की धारा मोड़ने की कोशिश की जाती है, तो एक-दो दिन बाद सामने वाले तट पर कटान शुरू हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में भी बंडाल निर्माण के दौरान कटान की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
उल्लेखनीय है कि हल्दिया बंदरगाह से मालवाहक जहाज बनारस होते हुए इलाहाबाद तक जाते हैं। पानी का स्तर कम होने पर गंगा के बीचोबीच खुदाई की जाती है और बंडाल के माध्यम से मुख्य धारा को मार्ग में लाने का प्रयास होता है, जिससे विपरीत दिशा में कटान का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि इस बार कुछ ग्रामीणों का कहना है कि बंडाल निर्माण के बावजूद फिलहाल कटान शुरू नहीं हुआ है, जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। फिर भी ग्रामीणों ने भविष्य में कटान की आशंका जताते हुए सतर्कता बरतने की मांग की है।



