कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया “जन चौपाल”,ग्रामीणों की रही नगण्य उपस्थिति

लालगंज(बलिया) । विकासखंड मुरली छपरा के ग्राम पंचायत शिवपुर कपूर दियर में आयोजित जन चौपाल में महिला प्रधान भी नदारद रही प्रधान प्रतिनिधि कि उपस्थिति में ही हुआ चौपाल में शासन की मंशा के अनुरूप गांव में विकास कार्यों की समीक्षा के साथ केन्द्र एवं राज्य सरकार कि योजनाओं से जनता को अवगत कराने के बजाय महज कागजी खानापूर्ति बनकर रह गई। “गाँव कि समस्या गाँव में समाधान ” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना एवं समस्याओं का समाधान करना होता है, लेकिन यहां इसके विपरीत स्थिति देखने को मिली।
जन चौपाल के नोडल अधिकारी जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार मिश्र रहे। चौपाल में ग्रामीण आवास, पेंशन,नाली-खड़ंजा, हैंडपंप सहित अन्य सरकारी योजनाओं की संतृप्ति एवं जानकारी दी जानी थी, किंतु इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।
ग्रामीणों का आरोप है कि जन चौपाल को प्रधान स्तर पर गोपनीय रखा गया। न तो दुग्गी पिटवाई गई और न ही किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार किया गया। आरोप यह भी है कि जन चौपाल में आम ग्रामीणों को बुलाने के बजाय प्रधान के चुनिंदा समर्थकों को ही बैठाया गया और औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं।
बताया गया कि लगभग हजार से अधिक आबादी वाली पंचायत में मात्र 10 से 12 लोग ही उपस्थित रहे, जिनमें रोजगार सेवक, पंचायत सहायक, सफाईकर्मी एवं प्रधान समर्थक शामिल थे। आम ग्रामीणों की अनुपस्थिति के कारण जन समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी।
नोडल अधिकारी ने कम उपस्थिति का उल्लेख तो किया, लेकिन ग्रामीण क्यों नहीं पहुंचे, इसकी गहराई से जांच नहीं की गई। जन चौपाल की कार्यवाही को आनन-फानन में निपटाकर कार्यक्रम की इतिश्री कर दी गई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जन चौपाल को वास्तव में जनहित का मंच बनाया जाए, न कि केवल औपचारिकता निभाने का माध्यम।
लालगंज । शिवपुर कपूर दीयर ग्राम पंचायत में शुक्रवार को पंचायत भवन पर लगे ग्राम चौपाल में लगा बैनर भी वर्षो पुराना लगा रहा जिसमे पूर्व खण्ड विकास अधिकारी एवं पंचायत सचिव का नाम लिखा था उसपर आज का दिनांक भी अंकित नहीं था । शासन नि ब्यवस्था जमीन पर किस कदर चल रही यह भगवान जाने,नोडल अधिकारी महोदय का भी इस पर ध्यान नहीं गया और पुराने बैनर पर ही फोटो खींचा गया ।



