
बलिया । स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बांसडीह में “पुरातन छात्र उत्प्रेरक सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर “विश्व गुरु भारत का दृष्टिकोण एवं स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता” विषय पर व्याख्यान का भी आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव (प्राचार्य, गुलाब देवी महिला पीजी कॉलेज, बलिया), मुख्य वक्ता डॉ. अजय कुमार चौबे (सह-आचार्य, अंग्रेजी विभाग, जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया), प्रबंध समिति सदस्य श्री अखिलेश राय एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फिरोज खान द्वारा स्वामी विवेकानंद के शैल चित्र पर पुष्पार्चन, माँ भारती व स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा कुलगीत एवं स्वागत गीत की मनोहारी प्रस्तुति दी गई। अतिथियों का स्वागत विभिन्न विभागों के आचार्यों द्वारा बैच एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। अतिथि परिचय राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता श्री भीम सिंह ने कराया।
मुख्य वक्ता डॉ. अजय कुमार चौबे ने स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “समस्त ब्रह्मांड की शक्तियां हमारे भीतर निहित हैं, आवश्यकता है आत्मविश्वास जगाने की।” उन्होंने विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए स्वामी जी के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर बल दिया।

प्रबंध समिति सदस्य श्री अखिलेश राय ने स्वामी विवेकानंद के आदर्श वाक्य “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। मुख्य अतिथि प्रो. निवेदिता श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद अनुभव को सबसे बड़ा शिक्षक मानते थे और आत्मनिर्भर बनने का संदेश देते थे।

इस अवसर पर आयोजित पुरातन छात्र समागम समारोह में पुरातन छात्र प्रतिनिधि श्री अनीश कुमार सहित निधि गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार सिंह, अमृता सिंह, रूपेश सिंह समेत अन्य पूर्व छात्र-छात्राओं को अंगवस्त्र, महाविद्यालयी पत्रिका एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर त्रिदिवसीय खेल एवं निबंध प्रतियोगिताओं तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें खो-खो, लंबी कूद, लंबी दौड़, वॉलीबॉल एवं निबंध प्रतियोगिता शामिल थीं। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. फिरोज खान ने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद जयंती की शुभकामनाएं दीं। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अशोक कुमार गुप्त ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संचालन श्री अंजनी मिश्र एवं डॉ. सुमन ने किया।



