
रसड़ा(बलिया)।क्षेत्र के नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुरा (रसड़ा) के विशाल सभागार में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में श्रद्धा, उत्साह एवं प्रेरणादायी वातावरण में मनाई गई।कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।इस दौरान विद्यालय की आचार्या नीलम सिंह ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर आधारित प्रेरणादायक कविता का सस्वर पाठ किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से सराहा।कार्यक्रम की विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा स्वामी विवेकानंद का रूप धारण करना रहा। अभिनव सिंह, तेजस द्विवेदी, अनुराग तिवारी, शाश्वत त्रिपाठी एवं नवनीत रूद्र ने स्वामी विवेकानंद के वेश में मंचासीन होकर अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व, ओजस्वी भाव-भंगिमा और आत्मविश्वास से सभागार के वातावरण को पूरी तरह विवेकानंदमय बना दिया। उनके इस सजीव प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित सभी लोगों को गहरे स्तर पर प्रभावित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडेय ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के जीवन के अनेक प्रेरक वृतांतों का उल्लेख किया। उन्होंने शिकागो धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण, गुरु रामकृष्ण परमहंस के प्रति उनकी निष्ठा, युवाओं के प्रति उनका विश्वास तथा राष्ट्र निर्माण में युवाशक्ति की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को आत्मबल, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने का संदेश दिया।कार्यक्रम के प्रमुख रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक दीपस्तंभ हैं और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी आचार्य-आचार्याओं का सराहनीय योगदान रहा। अंत में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।



