
रसड़ा (बलिया)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वरिष्ठ कार्यकर्ता चंद्रशेखर श्रीवास्तव का सोमवार की रात में 9.15 बजे उनके निजी आवास ग्राम जाम में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और उनका मऊ शारदा नारायण हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। उनके निधन का खबर सुनकर उनके आवास पर पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शोक संवेदना जताई।इस दौरान जिला प्रचारक अनुपम, डॉक्टर बृजराज सिंह, श्याम कृष्ण गोयल, कन्हैया, डॉक्टर प्यारे मोहन वर्मा आदि ने उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। चंद्रशेखर श्रीवास्तव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पास की और वह 1965 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की सायं शाखा के मुख्य शिक्षक बने। इसके बाद में बांसी तहसील में प्रचारक रहे। 1969 में गोरखपुर सरस्वती शिशु मंदिर में आचार्य रहे। सन 1974 में अपने गांव जाम में ही उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की। वे सन 1986 में बलिया विजयीपुर एवं सन 1988 में आनंद नगर में सरस्वती शिशु मंदिर में प्रधानाचार्य रहे। वे रसड़ा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक एवं कार्यवाह भी रहे।वे अपने पीछे चार विवाहित पुत्रियां छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार बक्सर गंगा घाट पर किया गया।



