स्वास्थ्य विभाग में फिर फर्जीवाड़ा उजागर,स्टाफ नर्स पर FIR के निर्देश

बलिया। स्वास्थ्य विभाग में लगातार सामने आ रहे फर्जी नियुक्तियों के मामलों के बीच एक और गंभीर मामला उजागर हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा (बलिया) में तैनात स्टाफ नर्स कुमुदलता राय पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने की पुष्टि हुई है। मामले में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश ने सीएमओ बलिया को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
शिकायत के बाद जांच, दस्तावेज़ निकले संदिग्ध
शासन को भेजे गए पत्र (10 नवंबर 2025) के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रभात राय ने आरोप लगाया कि कुमुदलता राय ने उम्र में हेराफेरी कर, हाईस्कूल और इंटर में अलग-अलग जन्मतिथि दर्शाते हुए नौकरी पाई। इस पर दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसने स्टाफ नर्स और शिकायतकर्ता दोनों के बयान व दस्तावेज़ों का सत्यापन कराया।
रिपोर्ट में खुलासा: दो प्रमाणपत्र, दो जन्म तिथि
माध्यमिक शिक्षा परिषद वाराणसी की रिपोर्ट के अनुसार, हाईस्कूल और इंटर के प्रमाणपत्र अलग-अलग वर्षों एवं भिन्न जन्मतिथि के साथ जारी किए गए। यह स्पष्ट हुआ कि जन्मतिथि बदलकर दो अलग-अलग शैक्षणिक दस्तावेज़ों का उपयोग किया गया, जो नियम विरुद्ध और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।
शासन ने दिए तत्काल एफआईआर के निर्देश
महानिदेशक ने साफ निर्देश दिया है कि कुमुदलता राय के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए और उसकी प्रति तत्काल शासन को भेजी जाए।
सीएमओ ने की पुष्टि
सीएमओ बलिया डॉ. सजीव वर्मन ने बताया कि शासन से पत्र प्राप्त हो गया है और निर्देशानुसार संबंधित स्टाफ नर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग
लगातार फर्जी भर्ती, गलत दस्तावेज़, दोहरी पढ़ाई के प्रमाणपत्र और भ्रष्टाचार के मामलों से स्वास्थ्य विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कुछ ही महीनों में दो जिलों में तैनात फर्जी फार्मासिस्ट, करोड़ों की कमाई करने वाला वरिष्ठ लिपिक और अब स्टाफ नर्स का दस्तावेजी खेल… इन घटनाओं ने विभागीय व्यवस्था पर संदेह गहरा दिया है।



