
बलिया। नगर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों के खिलाफ फर्जी वसीयतनामा तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मामला श्रीराम-जानकी, लक्ष्मण मंदिर (छोटकी मठिया) मिश्र नेवरी (कदम चौराहा) से जुड़ा है। मंदिर के महंथ सत्यदेव दास ने कोर्ट में वाद दायर करते हुए आरोप लगाया था कि उनके गुरु स्वर्गीय महावीर दास ने मंदिर की संपूर्ण चल-अचल संपत्ति की वसीयत की थी, जिसमें स्पष्ट रूप से संपत्ति को बेचने या हस्तांतरित करने पर प्रतिबंध लगाया गया था।
महंथ सत्यदेव दास का आरोप है कि भृगु आश्रम (नागाजी मठ गली) निवासी राजेश सिंह ने 31 मार्च 2021 को फर्जी और कूटरचित नोटरी वसीयतनामा तैयार कराया। इस दस्तावेज पर उनके गुरु का नकली हस्ताक्षर बनाकर उसे वैध सिद्ध करने की कोशिश की गई। आरोप है कि इसमें राजेश सिंह के भाई सुरेश सिंह और मिश्र नेवरी निवासी मनोज सिंह को गवाह भी बनाया गया और इसी आधार पर सिविल जज (जूडि) के न्यायालय में मुकदमा दाखिल कर दिया गया। खास बात यह थी कि मुकदमे में वादी और प्रतिवादी दोनों सहोदर भाई थे।
महंथ और अन्य श्रद्धालुओं द्वारा कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद संबंधित पक्ष ने मुकदमा वापस ले लिया। मामले में कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने अब धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



