
लालगंज (बलिया)। करोड़ों की ठगी कर फर्जी अनुमोदन एवं नियुक्ति पत्र जारी करने के मामले में 16 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज हुए एक सप्ताह बीत चुका है, बावजूद इसके अब तक किसी भी शिक्षा माफिया की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर क्षेत्र में सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि इतना बड़ा घोटाला उजागर होने के बाद भी आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे जांच पर संदेह गहराता जा रहा है।
दोकटी थाना क्षेत्र के कन्या जूनियर हाईस्कूल लालगंज एवं राष्ट्र पूर्व माध्यमिक बिद्यालय लूटईपुर, बहुआरा मे सहायक अध्यापक की नियुक्ति ने नाम पर 20 लोगो से करोड़ो रूपये की वसूली कर प्रबंध समिति एवं उनके चहेते लोगो द्वारा किया गया जिसमे लगभग आधा दर्जन सरकारी नुमाईन्दे भी सामिल है । ठगी का रूपये हासिल कर जबाबदेही लोग कुछ दिनों तक गायब रहे । पैसा वापसी के लिये जब दबाव बनने लगा तो ये लोग एक दिन अचानक फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर बैठे जिसका बिद्यालय, बीआरसी एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी के आफीस मे कोई रिकार्ड नहीं मिला तो ठगी का शिकार बने कुछ शिक्षक अमर नाथ यादव निवासी गाँव रेंकुवा, नशीरपुर थाना नगरा ने क्षेत्राधिकारी बैरिया कार्यालय मे प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई जिसके जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दोकटी थाने मे 6 नवम्बर को 16 लोगो के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत किया गया था । एक सप्ताह बितने के बाद एक भी मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा नहीं की गयी जो पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह बना हुआ है । ग्रामीणों की माने तो जो एक आरोपित गिरफ्तार हुआ है वह नाहक इस प्रकरण मे फसा है मुख्य आरोपित खुलेयाम धूम रहे ।



