अध्यात्मकार्यक्रमबलिया

अवधूत संत, महान तपस्वी श्री विनय ब्रह्मचारी जी का तप और त्याग अद्वितीय

लालगंज (बलिया) । क्षेत्र के बहुआरा मे राजनरायन सिंह के कटरा पर स्थित बजरंगबली मन्दिर के वार्षिकोतस्व मे शनिवार को पहुचे महान तपस्वी अवधुत संत श्री बिनय ब्रम्हाचारी जी का बैदिक मंत्रोचार के साथ आचार्य पंडित रामजी पाण्डेय, कृष्णा कान्त तिवारी, शंकर नरायन तिवारी तथा मन्दिर के पुजारी छितेष्वर नाथ पांडे ने पूजन अर्चन एवं भब्य आरती करायी । इस अवसर पर पहुँचे श्रद्धालू भक्त स्वामी जी का दर्शन पाकर पुण्य के भागी बने ।
उत्तरप्रदेश और बिहार की धरती पर अपने त्याग, तप और सेवा से अमिट छाप छोड़ने वाले अवधूत संत महान तपस्वी श्री विनय ब्रह्मचारी जी लाखों श्रद्धालुओं के हृदय में आस्था के केंद्र बने हुए हैं।
उन्होंने दोनों राज्यों की पवित्र भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया, जहाँ वे लोककल्याण, धर्म प्रचार और समाज सुधार के कार्यों में निरंतर संलग्न रहते है । उनके मार्गदर्शन में सैकड़ों लोगों ने संयम, सत्य और सेवा का मार्ग अपनाया।
श्री विनय ब्रह्मचारी जी का सादा जीवन, उच्च विचार और करुणामयी दृष्टि उन्हें संत समाज में विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। स्वामी जी जिस गाँव क्षेत्र में रहते है वहा प्रतिदिन श्रद्धालु पहुँचकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

श्री विनय ब्रह्मचारी जी काश्मीर से कन्याकुमारी तक तीन बार गंगा किनारे किनारे पैदल भ्रमण कर भारत के महान संत ऋषि मुनियो के आश्रम का भ्रमण करते हुये अपना जीवन जन आध्यात्मिक उत्थान और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टि उन्हें एक अद्वितीय संत के रूप में प्रतिष्ठित करती है।
उनका सानिध्य पाने के लिये आम जनमास ही नहीं बल्कि संत महात्मा प्रतिदिन जहाँ जिस क्षेत्र मे रहते है भक्तों का तांता लगा रहता है । भक्त उनका आशीर्वाद प्राप्त कर आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्रह्मचारी जी के प्रवचन और सान्निध्य से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

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