
बलिया संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग में अवैध कमाई के खेल का खुलासा हुआ है। सीएमओ कार्यालय बलिया के तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक दया शंकर पर सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी की खुली जांच में भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया है। अधिसष्ठान के वाराणसी कार्यालय के निरीक्षक रविन्द्र सिंह ने अधिष्ठान वाराणसी में भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपनी ज्ञात आय ₹43.56 लाख के मुकाबले ₹1.80 करोड़ से अधिक खर्च और संपत्ति अर्जित की हैं। उनकी अवैध कमाई एक करोड़ 37 लाख रुपया से अधिक पाई गई हैं।
सतर्कता अधिष्ठान ने साफ कहा है कि दया शंकर इस भारी-भरकम अंतर का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शासन ने इस मामले को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(B) व 13(2) के तहत दंडनीय अपराध मानते हुए मुकदमा दर्ज काराया हैं
सीएमओ बलिया डा. सजीव वर्मन ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने इस पर कार्रवाई करते हुए डा अभिषेक मिश्र को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।



