
रसड़ा (बलिया)।नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुरा, रसड़ा में वार्षिक कार्य योजना की बैठक का आयोजन शुक्रवार को सम्पन्न हुआ। बैठक का उद्देश्य आगामी शैक्षिक सत्र के लिए नवाचारयुक्त शिक्षण प्रणाली, शैक्षिक शोध तथा शैक्षिक गुणवत्ता के समग्र उन्नयन की रूपरेखा प्रस्तुत करना था।बैठक के मुख्य अतिथि के रूप में संभाग निरीक्षक कन्हैया चौबे ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि 21वीं सदी की शिक्षा तकनीक और मूल्यों का समन्वय है, जिसमें पंचपदी शिक्षण प्रक्रिया, पंच परिवर्तन की संकल्पना, चार आयामों की समग्रता तथा तकनीकी उन्नयन आवश्यक है।इस अवसर पर पूर्व छात्र परिषद से मुकुंद त्रिपाठी, अभिभावक परिषद से सदानंद त्रिपाठी व अखिलेश सिंह तथा विद्यालय प्रबंधन समिति से प्रबंधक संजय कश्यप ने अपनी सहभागिता दी और विद्यालय की निरंतर प्रगति हेतु सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।नागाजी विद्यालय माल्देपुर के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र त्रिपाठी एवं आयोजक नागाजी विद्यालय रसड़ा के प्रधानाचार्य डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय की उपस्थिति में समस्त आचार्य बंधु एवं आचार्या बहिनों ने विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। सभी ने शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन हेतु क्रियाशील शोध कार्यों, तकनीकी प्रयोगों तथा भारतीय शिक्षण परंपरा की पुनर्पुष्टि पर बल दिया।बैठक में पंचपदी शिक्षण विधि, पंच परिवर्तन योजना, चार आयामात्मक विकास और 21वीं सदी की डिजिटल तकनीकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। हर शिक्षक ने एक विषय पर शोधात्मक प्रस्तुति दी, जिससे शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा विद्यार्थियों के लिए रुचिकर बनाया जा सके।कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायक उद्बोधनों, सामूहिक संकल्प और भावी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ हुआ। यह बैठक विद्यालय के शैक्षिक दृष्टिकोण, नीतिगत निर्णयों एवं भविष्य की शिक्षा प्रणाली के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।



