
रसड़ा (बलिया)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मकर संक्रांति उत्सव गुरुवार की रात स्थानीय श्रीनाथ मैरिज हाल में बड़े ही आनंद के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए विभाग व्यवस्था प्रमुख श्री देवेंद्र मोहन जी ने कहा कि मकर संक्रांति का उत्सव संघ द्वारा मनाये जाने वाले 6 प्रमुख उत्सवों में से एक है। आज के ही दिन भगवान भास्कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तथा दक्षिणायन समाप्त होकर उत्तरायण प्रारंभ होता है। सृष्टि पुनः अंधकार से प्रकाश की तथा निर्जीविता से जीवन की ओर जाने लगती है इसलिए प्राचीन काल से ज्ञान रूपी प्रकाश की उपासना करने वाले भारतीय जीवन में इस दिन का महत्व है। अपना कार्य भी आत्मविस्मृति रूपी अंधकार को नष्ट कर आत्म स्मृति तथा आत्म जागरण करने के लिए ही निर्मित हुई है। हमारे कार्य के अस्तित्व से ही देश की मुरझाई हुई श्रद्धा पुलकित होती है। हम सभी हिंदुओं को संगठित करना चाहते हैं। संगठन का आधार अपनी मातृभूमि है। हम सब इसके पुत्र हैं और हजारों वर्षों से एक साथ रहते आए हैं। इस दीर्घकाल खंड में हमने भूतकाल में उज्जवल इतिहास निर्माण किया है। विगत अनेक शताब्दियों के इतिहास में मुट्ठी भर मुसलमान तथा ईसाइयों ने इस देश पर राज किया। हमारे बंधु बांधवों का धर्मांतरण किया तथा हम लोगों के बीच ब्राह्मण गैर ब्राह्मण सवर्ण अस्पृश्य आदि का भेद पैदा किया।इस संबंध में केवल उन लोगों को दोष देकर हम अपने दायित्व से मुक्त नहीं हो सकते हैं।छुआछूत अपने समाज की विषमता का एक अत्यंत दुखद और दुर्भाग्य जनक पहलू है। प्राचीन काल में इसका अस्तित्व नहीं था। वास्तविकता कुछ भी हो किंतु हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि अस्पृश्यता एक भयंकर भूल है और हिंदू समाज का कलंक है और उसका पूर्णतया उन्मूलन आवश्यक है। हम सभी के मन में सामाजिक विषमता के उन्मूलन का विषय अवश्य होना चाहिए।हमें लोगों के सामने स्पष्ट रूप से रखना चाहिए की विषमता के कारण ही हमारे समाज में किस प्रकार दुर्बलता आई और उसका विघटन हुआ।उसे दूर करने के उपाय बतलानी चाहिए तथा इस प्रयास में प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान करना चाहिए। दलित अथवा अस्पृश्यता से माने जाने वाले बंधुओ ने काफी अत्याचार व कष्ट सहन किए हैं किंतु उन्हें भी यह ध्यान में रखना चाहिए कि समाज के सभी घटक यह महसूस करते हैं कि यह बात गलत है और यह अत्याचार रुकनी चाहिए।दलित बंधु भी किसी की कृपा नहीं चाहते वह बराबरी का स्थान चाहते हैं। उन्हें सभी प्रकार की सुविधा और अवसर मिलना चाहिए यही उनकी अपेक्षा रहती है। मुख्य शिक्षक का कार्य विद्याभूषण जायसवाल, गीत शिवम सोनी, प्रार्थना राजेश जायसवाल ने कराया।इस दौरान मंच पर जिला संघचालक डॉ. रामबाबू, नगर संघचालक श्याम कृष्ण गोयल, श्री नाथ मठ के महंत कौशलेंद्र गिरि जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष रूप से नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य राकेश अग्रहरी, प्रांत संपर्क प्रमुख रवि भूषण जी , विभाग धर्म जागरण प्रमुख प्रेम प्रकाश जी, कौशल किशोर गुप्ता, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष अंजनी कुमार गुप्ता, जिला महामंत्री इकबाल अंसारी, भाजपा नेता इंद्रजीत सिंह सहित सैकड़ो लोगों ने भाग लिया और महाप्रसाद खिचड़ी ग्रहण किया। संचालन नगर कार्यवाह संजय सिंह ने किया।



