अध्यात्मकार्यक्रमबलिया

कलिकाल में राम नाम के अलावा कोई धर्म नहीं


दयाछपरा(बलिया)।स्थानीय ग्राम पंचायत में आयोजित 76 वे मानस सम्मेलन व रामज्ञान यज्ञ का मंगलवार की सुबह दूर-दूर से आए साधु संतों का विदाई किया गया । इस मौके पर स्थान त्यागने से पूर्व ख्याति लब्ध संत राम भद्राचार्य,बालक बाबा ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए कहे कि कली काल में मंत्र जाप से बड़ा कोई धर्म नहीं है। अन्य मंत्रों के लिए तो नियम कानून बनाया गया है परंतु ब्रह्मा के मुख से निकला हरे राम, हरे राम,राम राम हरे हरे,हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।। इस मंत्र का जप करने के लिए कोई भी नियम कानून नहीं बनाया गया है ।आप सोते बैठे शुद्ध और अशुद्ध काल में दोनों में मंत्र जाप करके अपना तथा अपने कुटुंब का कल्याण कर सकते हैं ।दीक्षा के रूप में ग्राम वासियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि आप लोग इस मंत्र का जप सुबह-शाम दोपहर करने का संकल्प ले ।जिससे मानव जीवन धन्य हो जाएगा ।बताया कि नारद मुनि चराचर में घूमने के बाद प्रभु ब्रह्मा से कहे कि हे प्रभु धरती पर कलि का प्रभाव बढ़ गया है ऐसे में मनुष्य पापाचार के तरफ बढ़ गया है ।उसका अल्प ज्ञान से कल्याण का साधन अगर कोई हो तो आप बताए।उस समय प्रभु ब्रह्मा ने इस मंत्र का जप करने के लिए बताया और कहा कि इस मंत्र के लिए कोई भी नियम कानून नहीं है जिस अवस्था में मनुष्य हो उस अवस्था में रहकर इस मंत्र का जाप कर सकता है। बताया कि इसी अवधारणा को लेकर ब्रह्मलीन संत हरे राम ब्रह्मचारी, खपड़िया बाबा,हरिहरानंद स्वामी,अखंड नहीं बरसों बरस तक इस मंत्र जाप का कार्य करते और कराते आ रहे हैं ।अतः ग्राम वासी,क्षेत्र वासियों से अपील है कि इस महामंत्र का जाप आप हमेशा करते रहे ।इससे जीव के साथ-साथ समाज देश और संसार का भी कल्याण हो जाएगा। इसके बाद भक्तों ने फूल मालाओं से लाद कर अश्रुपूरीत नेत्रों से संत बालक बाबा के विदाई करते हुए फिर दर्शन देने का आग्रह किया ।इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु नर नारी उपस्थित होकर बाबा के हाथ से प्रसाद ग्रहण करते हुए विदाई दी।

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