
दयाछपरा( बलिया)।लोक आस्था व सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा के अवसर पर सोमवार की शाम व्रती महिलाओं व पुरुषों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिए।क्षेत्र के स्थानीय ग्राम पंचायत सहित चकिया जमालपुर, मुनछपरा,दलपतपुर, नवकागांव ,श्रीनगर आदि ग्राम पंचायतों में शाम तीन बजे से ही व्रती महिलाएं छठ की पारंपरिक गीत,” कांच ही बांस के बहंगिया,ओह में केला लादल जाय,होखी ना महादेव कहरिया, दउरा घाटे पहुंचाव” आदि गीत गाते हुए छठ घाट पर पहुंची।परिवार के सदस्य अपने सिर पर फल तथा मिठाई से भरे दउरा लेकर व्रती महिलाओं के साथ पहुंचे।वहां पश्चिम के तरफ बैठकर गीत गाती रही।शाम होते ही व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अपने परिवार के सदस्य या कुल पुरोहित द्वारा दी।



ग्राम पंचायत श्रीनगर में छठ घाट की शोभा देखते ही बन रही थी।समाज सेवी जे पी यादव द्वारा गांव के हर रास्ते से लेकर घाट तक रोशनी सहित सजावट की छटा ऐसी निराली थी कि बरबस ही उस ओर आंखे देखने को विवश हो जा रही थी।वहां कुल पुरोहित पंडित राकेश तिवारी ने व्रती महिलाओं के भगवान भास्कर को अर्घ्य दिलवाया।विरु सिंह,गौतम यादव,अर्जुन,हरिराम आदि व्यवस्था में लगे रहे।मां जानकी सेवा समिति दयाछपरा द्वारा शिव मंदिर पर व्रती महिलाओं की सेवा में तत्पर दिखी।क्षेत्र के मूर्धन्य विद्वान पंडित गिरिजेश तिवारी ने अस्ताचलगामी सूर्य का अर्घ्य व्रती महिलाओं को दिलवाए।



