
रसड़ा (बलिया)।वन में जयंत के अंग-भंग कर मुनियों से मिलने व उनके द्वारा वन में राक्षसों द्वारा किए जा उत्पात की जानकारी प्राप्त कर आगे प्रस्थान करते हैं, जहां उनकी मुलाकात लंका के राजा रावण की बहन सुपर्णखा से होती है। उसके नाक-कान काटने के बाद बदला लेने खर और दूषण दो राक्षसों से उनका युद्ध होता, जिनका वध उनके द्वारा कर दिया जाता है।इस लीला का मंचन शुक्रवार को छठवें दिन रामलीला मैदान में हुआ।वन में श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी जानकी के साथ विराजमान है।

वहां उनसे मिलने रावण की बहन सुपर्णखा एक सुंदर नारी के रूप में आकर मिलती है और उनसे शादी का प्रस्ताव रखती हैं।यह देख श्रीराम इशारा कर उसे जानकी को दिखाते हुए यह बताते है कि मेरी शादी हो चुकी है। तुम मेरे अनुज लक्ष्मण से शादी के लिए पूछ लो। वहां से लक्ष्मण के पास जाकर अपनी सुन्दरता का बखान करते हुए शादी के लिए कहती है।बार-बार उनके द्वारा वापस किए जाने के बाद क्रोधित लक्ष्मण द्वारा उसके नाक-कान काट लिया जाता है। जहां से वह रोते-बिलखते लंका जाती हैं और अपनी दुर्दशा के लिए वन में आए दोनों भाई को जिम्मेदार बताती है। अपनी बहन की दुर्दशा देख रावण क्रोध से तमतमा उठता है और खर-दूषण दो महाबली राक्षसों को राम और लक्ष्मण से बदला लेने के लिए भेजता है। श्रीराम व खर-दूषण दोनों राक्षसों के बीच धमासान युद्ध होता है और अंत में दोनों राक्षसों का वध कर डालते हैं।इस दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संतोष जायसवाल, महामंत्री निर्मल पांडे, मेला संयोजक अविनाश सोनी, मनोज पांडे उर्फ टुना बाबा आदि रहे।



