जिला अस्पताल में मानवता शर्मसार: युवती ने शौचालय में दिया बच्चे को जन्म,नवजात को अस्पताल परिसर में फेंका

बलिया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रविवार की रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने मानवता को झकझोर दिया। रसड़ा क्षेत्र की 21 वर्षीय युवती को रविवार रात करीब 10 बजे परिजन पेट दर्द की शिकायत लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाए थे।
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार ने जांच के बाद युवती को इंजेक्शन दिया। इसके कुछ देर बाद युवती शौचालय जाने की बात कहकर इमरजेंसी के पास स्थित शौचालय में चली गई। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई, तो अस्पताल कर्मियों को शक हुआ।
जानकारी के अनुसार, युवती ने शौचालय में ही बच्चे को जन्म दिया और नवजात को जन्म के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में फेंक दिया। इसके बाद वह मौके से भागने की कोशिश करने लगी।
इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों की नजर अस्पताल परिसर में पड़े नवजात पर पड़ी। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना चिकित्सक को दी। सूचना पाकर डॉ. संतोष कुमार मौके पर पहुंचे और युवती से पूछताछ की। पूछताछ में युवती ने बच्चे को जन्म देने और उसे फेंकने की बात स्वीकार कर ली।
चिकित्सक ने तुरंत युवती को अस्पताल के सर्जरी वार्ड में भर्ती कराया। वहीं नवजात की जांच में उसे मृत पाया गया। अस्पताल प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की सूचना पुलिस को दी।
कोतवाली पुलिस ने मेमो काटकर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से अस्पताल परिसर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस संवेदनहीन घटना की गहन जांच में जुटे हैं।



