
लालगंज (बलिया)। गंगा व सरयू की बिच बसा द्वाबा के पाँवन भूमि पर अपनी तपोस्थली बनाये सिद्ध तपस्वी संत सुदिष्ट बाबा की समाधि स्थल पर अगहन पंचमी से शुरू होने वाला ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व का धनुषयज्ञ मेला मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन अर्चन कर संत मौनी बाबा ने धर्मध्वज स्थापित कर मेले का शुभारंभ करायी यह धनुष यज्ञ मेला 25 दिसंबर तक अपने भब्यता के साथ चलेगा।
मेला अध्यक्ष रोशन गुप्ता व कोटवा की ग्राम प्रधान वंदना गुप्ता ने परंपराओं के अनुसार पूजन-अर्चन कर मेले का उद्घाटन किया। मेले में पहुँचे श्रद्धालुओं ने सुदिष्ट बाबा की समाधि पर फूल माला, प्रसाद, नारियल अर्पित कर समाधि पर माथा टेक दर्शन-पूजन एवं दान-पुण्य कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की । कई श्रद्धालुओं ने मन्नतें मांगीं और पूर्ण होने पर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी। मेला मे स्थानीय मंचों पर भक्ति संगीत और सत्संग भी आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं का पूजा-अर्चन का क्रम देर शाम तक जारी रहा।दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले मे जलेबी-सब्जी का प्रसाद रूप में आनंद लिया।
उद्घाटन अवसर पर पंचायत सचिव अरविंद मौर्य, जयप्रकाश साहू, बच्चालाल गुप्ता, मनोज गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, सुनील गुप्ता, लखनजी गुप्ता, प्रेम मिश्र, हृदयानंद सिंह, राजन सिंह, विवेक पाल, अर्जुन चौधरी, मिथलेश सिंह, सतेंद्र सिंह, उमेश सिंह, कृष्णा चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कल्पवासियों की भीड़ से जीवंत हुआ समाधि परिसर, रातभर गूंजते रहे मंत्र
लालगंज । सुदिष्ट बाबा का समाधि स्थल पर सोमवार की सांय से ही श्रद्धा और आस्था की अविरल धारा से सराबोर है। कल्पवासियों का एक दिवसीय अनुष्ठान मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया।
देर रात से ही कल्पवासी बाबा के दर्शनों के लिए कतारबद्ध खड़े रहे।
मंत्रोच्चार, दीपों की मद्धिम लौ, घंटे-घड़ियाल की पवित्र ध्वनि और पोखरे के जल में स्नान करते श्रद्धालुओं के बीच समाधि स्थल एक जीवंत तीर्थलोक की अनुभूति करा रहा था।
कोई ध्यानमग्न संतों के पास बैठा था तो कोई भीगे वस्त्रों में मंत्रो का जाप कर रहा था।
कल्पवासी इसे केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि द्वाबा क्षेत्र के लिए गौरव भरा पल बता रहे थे ।
सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल ––मेले के भीड़ में चोरो ने लगाया सेंध एक दर्जन से अधिक महिलाओं के मंगलसूत्र और चेन चोरी, प्रशासन पर सवाल……
लालगंज । सुदिष्ट बाबा समाधि स्थल पर पंचमी के दिन दर्शन के लिये श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ की सुरक्षा मे स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था पूरी तरह नदारद दिखी। समाधि स्थल पर केवल एक होमगार्ड और एक पुलिसकर्मी तैनात थे, महिला पुलिसकर्मी बिल्कुल भी नहीं थीं।
इस अव्यवस्था का फायदा उठाते हुए उचक्कों ने करीब एक दर्जन महिलाओं के मंगलसूत्र और चेन चोरी कर लिए।
ग्रामीणों ने मामले की सूचना क्षेत्राधिकारी को दी, जिसके बाद लगभग 11:30 बजे भारी पुलिस बल मेले में पहुँचा, लेकिन तब तक कई महिलाएं रोती-बिलखती वापस घर लौट चुकी थीं।



