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एनएससीटी में पंजीकरण मात्र का लाभ,मृतक की पत्नी को 8-10 लाख की होगी मदद


बलिया। सामाजिक सरोकारों के लिए कार्यरत संस्था नेशनल सेल्फ केयर टीम (एनएससीटी) एक बार फिर मानवीय पहल के तहत दिवंगत सदस्य के परिवार को आर्थिक सहयोग करने जा रही है। संस्था के अनुसार केवल पंजीकरण और लॉकिंग पीरियड पूरा होने के आधार पर यह सहयोग प्रदान किया जाएगा।
जनपद के देवरियाकला (खोरीपाकड़) निवासी शत्रुध्न कुमार 26 फरवरी 2025 को गठित एनएससीटी से तीन अप्रैल 2025 को जुड़े गए थे। अक्टूबर 2025 में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। उस समय तक 50 रुपये का वार्षिक व्यवस्था शुल्क अनिवार्य नहीं था। उनके जीवित रहते किसी प्रकार का अंशदान भी संस्था ने नहीं कराया गया था। छह माह का लॉकिंग पीरियड पूर्ण होने के बाद मृत्यु के आधार संस्था ने उनके परिवार की सहायता का निर्णय लिया है।

शत्रुध्न कुमार(मृतक)

एक मार्च को जारी होगा नॉमिनी का अकाउंट नंबर
एनएससीटी के प्रमुख विवेकानंद ने बताया कि एक मार्च को दिवंगत सदस्य की नॉमिनी (पत्नी) सुनैना का बैंक अकाउंट नंबर सोशल मीडिय के माध्यम से जारी किया जाएगा। इसके बाद एक से 15 मार्च तक संस्था से जुड़े पूरे प्रदेश के सदस्य 50–50 रुपये का अंशदान सीधे खाते में करेंगे। सामूहिक योगदान से 8 से 10 लाख रुपये की सहायता धनराशि प्रभावित परिवार को मिलने की उम्मीद है।

आम जनमानस के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध
संस्था के सह संस्थापक संजीव रजक ने बताया कि एनएससीटी का उद्देश्य सामाजिक सहयोग और जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक व नैतिक समर्थन उपलब्ध कराना है। संस्था का मानना है कि छोटे-छोटे अंशदान मिलकर किसी परिवार के लिए बड़ा सहारा बन सकता है। संस्था से शिक्षा विभाग के कार्मिकों को छोड़कर पत्रकार, वकील, डाक्टर, इंजीनियर व्यापारी, सरकारी व गैर सरकारी अधिकार-कर्मचारी, किसान, मजदूर, छात्र, गृहणी आदि कोई भी जुड़ सकता है।

बलिया में सदस्यों की संख्या डेढ़ हजार से अधिक
संस्था के जिलाध्यक्ष उमेश कुमार ने बताया कि प्रदेश के 31 हजार से अधिक लोग एनएससीटी के सदस्य है। इसमें जिले के सदस्यों की संख्या 1500 से अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था प्रमुख के निर्देश पर 25 फरवरी को जिला इकाई स्व. शत्रुध्न के घर जायेगी। वहां स्थलीय सत्यापन के साथ ही उनकी पत्नी का अकाउंट नंबर व अन्य कागजात प्राप्त करेगी।

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