
रसड़ा (बलिया)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से क्षेत्र के बाबा मथुरा दास सीताराम महाविद्यालय चिलकहर परिसर में रविवार को हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन व आरती के पश्चात हुआ। कालेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति महाराज पीठाधीश्वर सिद्ध पीठ हथियाराम मठ (जखनिया, गाजीपुर) ने कहा कि हिंदू धर्म सर्वव्यापी व सर्वस्पर्शी है क्योंकि हमारी पूजा पद्धति, हमारे संस्कार, हमारे घाट, हमारा मंदिर, हमारी भाषा, हमारी भूषा, हमारे आदर्श एक हैं।हिंदू धर्म विश्व मंगल की कामना करता है।सामाजिक समरसता ही इसका प्राण है। महाराज ने कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से हम अपने राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाने के लिए कटिबद्ध है।चर अचर में एकात्म भाव हमें पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देता है और पर्यावरण आज सम्पूर्ण विश्व के लिए चिंता व चिंतन का विषय बन गया है।हमारी संस्कृति में परिवार सबसे छोटी इकाई है न कि व्यक्ति।अतः इस सबसे छोटी इकाई का संयोजन ‘कुटुंब प्रबोधन’ के द्वारा आवश्यक है।स्व यानि अपनी संस्कृति, अपनी भाषा, अपनी भूषा, अपनी ज्ञान परम्परा का बोध, स्वनिर्भरता भी उन्नत राष्ट्र का आधार है।हमें इसपर विचार व ध्यान देने की आवश्यकता है।नागरिक किसी भी राष्ट्र का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं।

अतः नागरिक कर्तव्य का ठीक ठीक बोध व उसका आचरण हमें विश्व के शिखर पर ले जाने हेतु अत्यंत सहायक है।श्रीनाथ मठ रसड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर कौशलेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्तित्व निर्माण करता है ताकि राष्ट्र को अच्छे नागरिक प्राप्त हों।

इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अंबेश, गायत्री परिवार की उषा देवी, संयोजक विनय कुमार बिसेन, पवन सिंह, भूपेंद्र सिंह, दुर्गेश सिंह, खंड कार्यवाह छोटेलाल यादव, जिला प्रचारक अनुपम, बलवंत सिंह, अशोक सिंह, विद्यासागर सिंह, मिथिलेश बाबा, करुणेश सिंह, अरविन्द सिंह, अशोक सिंह, सत्यजीत सिंह, मुरली राम प्रधान, दिनेश सिंह आदि रहे। अध्यक्षता सूबेदार मेजर दिलीप व संचालन डॉ. आलोक व अरूण पांडेय ने किया।



