
रसड़ा (बलिया)।बसंत पंचमी पर मां सरस्वती के प्रकटयोत्सव के साथ नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुरा में विद्यारंभ संस्कार का अत्यंत भव्य एवं संस्कारपूर्ण आयोजन शुक्रवार हुआ। मुख्य अतिथि (प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वाविद्यालय रसड़ा) की संचालिका जागृति ने कहा कि विद्यारंभ संस्कार बालक के जीवन की प्रथम व सबसे महत्वपूर्ण साधना है, जिससे संस्कारों की मजबूत नींव पड़ती है। शुभारंभ मां सरस्वती, नेताजी सुभाषचंद्र बोस व वीर बालक हकीकत राय के चित्रों पर सभी अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन के साथ हुआ।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती व धर्म व राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर बालक हकीकत राय के बलिदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडे ने अतिथियों का परिचय कराते हुए कहा कि बसंत पंचमी विद्या, विवेक और संस्कार का पर्व है, जो बच्चों के जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।इस पावन अवसर पर ढाई से तीन वर्ष आयु वर्ग के 131 नन्हें बच्चों का विद्यारंभ संस्कार विधि-विधान पूर्वक संपन्न कराया गया। बच्चों को लेखन-सामग्री व मिष्ठान प्रदान कर उन्हें विद्या की प्रथम सीढ़ी पर आरूढ़ किया गया।विद्यालय परिसर में आयोजित पांच कुंडीय हवन ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया। मंत्रोच्चार और हवनाग्नि की दिव्यता से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सम्पूर्ण परिसर संस्कारों से आलोकित हो उठा हो।कार्यक्रम में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम, स्मृति चिह्न व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। अध्यक्षता रिटायर सूबेदार मेजर व कवि रामकैलाश सिंह ने किया।



