
लालगंज (बलिया)। श्री श्री 1008 मुनिश्वरानन्द जी महाराज उर्फ खपड़िया बाबा के 40वें निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित महारुद्र द्वय महायज्ञ की भव्य जलयात्रा रविवार को प्रातः 8 बजे खपड़िया बाबा समाधि आश्रम, संकीर्तन नगर (श्रीपालपुर) के प्रांगण से हाथी-घोड़ा, गाजे-बाजे के साथ निकाली गई।
इस विशाल जलयात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त पैदल, घोड़ा-गाड़ी एवं विभिन्न वाहनों से शामिल हुए। भक्तगण भगवान नाम संकीर्तन एवं “हर-हर महादेव” के जयघोष करते हुए सूर्यभानपुर, बहुआरा, मुरारपट्टी, हृदयपुर, लालगंज, सेमरिया होते हुए शिवपुर स्थित गंगा घाट पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने अपने-अपने कलश में पवित्र गंगाजल भरा। इसके उपरांत आचार्यों एवं विद्वान पंडितों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया।

जलयात्रा में रथ पर खपड़िया बाबा की आकर्षक झांकी सजाई गई थी, जिसके साथ सैकड़ों श्रद्धालु पैदल, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, कार एवं अन्य वाहनों से यात्रा में सम्मिलित हुए। भीषण ठंड के बावजूद पुरुष, महिलाएं, युवक-युवतियां सहित श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। जलयात्रा गंगा घाट से वापस आश्रम परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।
महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को पंचांग एवं वेदी पूजन किया गया, जबकि मंगलवार को प्रातः 8 बजे अरणि मंथन द्वारा वैदिक विधि से अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन विधिवत पूजन-अर्चन के उपरांत प्रातः अभिषेकात्मक तथा दोपहर बाद हवनात्मक अभिषेक संपन्न होगा।

इस महायज्ञ में तेरह दिवसीय एवं एक दिवसीय यजमान बनाए गए हैं, जिनमें मुख्य यजमान ब्लॉक प्रमुख कन्हैया सिंह हैं। इसके अलावा दर्जनों अन्य यजमान भी महायज्ञ में सहभागी बने हैं। पूजन-अर्चन का कार्य आचार्य मिथिलेश दुबे, जोगेंद्र दुबे, विश्वनाथ मिश्र, सुदामा दुबे, राममूर्ति पांडेय, कमलेश दुबे, अनिल उपाध्याय, पुरुषोत्तम मिश्र, मानस पंडित सहित अनेक विद्वान आचार्यों द्वारा विधिवत संपन्न कराया जा रहा है।




