
दुबहड़(बलिया)। जनपद बलिया के लिए यह एक बार फिर गर्व और खुशी का अवसर है। बलिया के घोड़हरा बसेनी डेरा निवासी नीरज सिंह चंदन ने बॉलीवुड और डिजिटल मनोरंजन जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए आर्ट डायरेक्शन के क्षेत्र में बेस्ट आर्ट डायरेक्टर अवार्ड हासिल किया है। इंडियन टेलिविजन अकैडमी द्वारा प्रायोजित पुरस्कार वितरण समारोह में उन्हें वेब सीरीज “ग्राम चिकित्सालय” के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। जैसे ही यह सूचना बलिया जनपद के लोगों तक पहुंची, गांव क्षेत्र से लेकर शहर तक खुशी का माहौल छा गया।
नीरज सिंह चंदन को यह सम्मान मिलने की खबर मिलते ही उनके घोड़हरा बसेनी डेरा स्थित आवास पर और सरस पाली में विक्रम गैस एजेंसी के सामने स्थित कनेर बैंक्विट हॉल पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजन, मित्र, शुभचिंतक और स्थानीय लोग उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करते नजर आए।
इंडियन टेलिविजन अकैडमी हर वर्ष टेलीविजन और वेब जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित करती है। यह संस्था भारतीय मनोरंजन जगत में गुणवत्ता, रचनात्मकता और उत्कृष्टता के लिए जानी जाती है। ITA अवार्ड को देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है, जिसे पाना किसी भी कलाकार के करियर में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले नीरज सिंह चंदन की सफलता की कहानी संघर्ष, मेहनत और धैर्य की मिसाल है। उनका जन्म और पालन-पोषण बलिया जिले में ही हुआ। प्रारंभिक शिक्षा भी उन्होंने यहीं प्राप्त की। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया। कला और क्रिएटिविटी के प्रति उनका लगाव बचपन से ही रहा, जिसे उन्होंने निरंतर अभ्यास और सीख के जरिए निखारा।
यह पहली बार नहीं है जब नीरज सिंह चंदन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हो। इससे पहले उन्हें डायरेक्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। फिल्म “एकांत” में उनके बेहतरीन कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्रदान किया गया था। उस उपलब्धि के बाद उन्होंने बॉलीवुड सहित देश-विदेश में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
“ग्राम चिकित्सालय” वेब सीरीज में ग्रामीण जीवन, परिवेश और संवेदनाओं को जिस सजीवता और सच्चाई के साथ प्रस्तुत किया गया, उसमें नीरज सिंह चंदन की आर्ट डायरेक्शन की अहम भूमिका रही। उनकी मेहनत और रचनात्मक सोच ने कहानी को दर्शकों के दिलों तक पहुंचाया, जिसका परिणाम आज इस प्रतिष्ठित अवार्ड के रूप में सामने आया है।
नीरज सिंह चंदन की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे बलिया जनपद के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता से क्षेत्र के युवाओं में आत्मविश्वास और उत्साह देखने को मिल रहा है। वे आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं और यह संदेश दे रहे हैं कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो छोटे शहर और गांव से निकलकर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।



