
लालगंज (बलिया)। लालगंज बाजार की घनी बस्ती के बीच मुख्य रास्ते पर लगाया गया 400 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थानीय लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया है। इस भीड़-भाड़ वाले मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोग, स्कूली बच्चे और वाहन गुजरते हैं। ट्रांसफार्मर पूरी तरह से खुला पड़ा है, जिस पर न तो सुरक्षात्मक जाली लगी है और न ही चेतावनी बोर्ड। ट्रांसफार्मर का तार जमीन की सतह तक लटका हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों की गुहार पर नहीं हुई सुनवाई
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस ट्रांसफार्मर को बस्ती से बाहर हटवाने के लिए विभागीय अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से दर्जनों बार मौखिक और लिखित शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि शायद विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
बरसात के दिनों में करंट फैलने की संभावना और अधिक बढ़ जाती है। निवासियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर से पहले भी कई बार केबिल जलने से चिंगारियां उठ चुकी हैं। दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी खतरनाक है।
व्यापारियों और ग्रामीणों की चेतावनी
बाजार के व्यापारियों और क्षेत्रीय ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि ट्रांसफार्मर को जल्द से जल्द बस्ती से बाहर स्थानांतरित किया जाए, अथवा उसके चारों ओर मजबूत लोहे की जाली और सुरक्षा कवच लगाया जाए। चेतावनी दी गई है कि अगर समय रहते पुख्ता सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो लोग आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
मकानों के ऊपर से गुजर रहा 11 हजार का नंगा तार
खतरा यहीं खत्म नहीं होता कस्बे के कई मकानों के ऊपर से ग्यारह हजार वोल्ट का नंगा तार गुजर रहा है। इसकी वजह से मकान मालिक छत पर चढ़ने से कतराते हैं और भीषण गर्मी में भी छत पर सोने या बैठने नहीं जाते। वहीं, ऊपर की मंजिल का निर्माण करना भी मुश्किल हो गया है।
लोगों ने रखी यह मांग
बस्तीवासियों ने विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से ध्यान दिलाते हुए कहा है कि इस नंगे तार को बस्ती के बाहर बनी पक्की सड़क के रास्ते अंडरग्राउंड ट्रांसफार्मर तक ले जाया जाए। इसकी दूरी महज 200 से 250 मीटर है। ऐसा करने से दर्जनों परिवारों के मकान सुरक्षित हो जाएंगे और लोग निश्चिंत होकर दो मंजिला मकान बनाकर रह सकेंगे।



