
मिशन बैरिया 2027 को मिल रहा जनसमर्थन
बलिया। बैरिया विधानसभा क्षेत्र की समस्त सम्मानित जनता को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ। नया वर्ष नई आशाओं,नए संकल्पों और बैरिया के उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत लेकर आए,इसी विश्वास और शुभकामना के साथ मिशन बैरिया 2027 निरंतर आगे बढ़ रहा है।
आज बैरिया विधानसभा क्षेत्र में नेतृत्व को लेकर चर्चा केवल नाम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह नीयत,निष्ठा और निरंतर सेवा का विषय बन चुकी है। सोशल मीडिया से लेकर गाँव की चौपाल तक एक ही प्रश्न गूंज रहा है—
“बैरिया की कमान किसे सौंपी जाए?”
नाम अनेक हैं और दावे भी बहुत,लेकिन अब बैरिया की जागरूक जनता केवल भाषण नहीं, बल्कि काम,अनुभव और संवेदनशीलता को कसौटी बना रही है।
इसी क्रम में बैरिया की धरती से जुड़ा एक नाम हर वर्ग, हर गाँव और हर पीड़ा में मजबूती से खड़ा दिखाई दे रहे है निर्भय नारायण सिंह (IRTS) रेल मंत्रालय,भारत सरकार,बिना किसी राजनीतिक पद के,बिना प्रचार और शोर-शराबे के तथा बिना किसी निजी स्वार्थ के श्री सिंह पिछले कई वर्षों से बैरिया विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। प्रतिदिन दो गाँवों में स्वास्थ्य जीवन एक्सप्रेस के माध्यम से निशुल्क 16 प्रकार की जाँच एवं दवाओं की सुविधा दी जा रही है। बैरिया विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों में स्मार्ट टीवी लगाए गए हैं, जिससे परंपरागत विद्यालयों को स्मार्ट विद्यालय का स्वरूप मिला है।
इसके अतिरिक्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवा कार्य, कंबल, बर्तन एवं तिरपाल वितरण, गंगा घाटों पर महिला सुविधा गृह का निर्माण, घाटों की स्वच्छता तथा महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
जब क्षेत्र आपदा से जूझ रहा था,वे साथ खड़े दिखे,जब इलाज की आवश्यकता पड़ी,वे स्वयं पहुँचे।
जब बच्चों के भविष्य की बात आई, वे मार्गदर्शक बने।
जब गंगा और घाटों की स्वच्छता का प्रश्न उठा,वे आगे रहे,और जब महिलाओं के सम्मान की बात आई,वे संकल्प बनकर सामने आए।
उनकी पहचान सेवा है, सत्ता नहीं। राजनीति उनके लिए पद नहीं,बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी है।
नववर्ष 2026 में बैरिया को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जिसका हृदय सदैव अपने क्षेत्र के लिए धड़कता हो, जो हर सुख-दुःख में जनता के साथ खड़ा रहा हो और जिसने कभी विश्वास को टूटने न दिया हो।
अब निर्णय जनता के हाथ में है। बैरिया को अब प्रयोग नहीं, बल्कि अनुभव, ईमानदारी और संवेदनशील नेतृत्व चाहिए।



