
लालगंज (बलिया)। क्षेत्र के लालगंज में स्वीकृत 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण जमीन के अभाव में अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते क्षेत्रवासियों को लगातार विद्युत आपूर्ति बाधित रहने की समस्या झेलनी पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि लगभग पांच वर्ष पूर्व सरकार ने लालगंज में 33/11 केवीए विद्युत उपकेंद्र की स्वीकृति प्रदान की थी। इसके लिए धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया।
हाल ही में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद बिजली विभाग सक्रिय हुआ। किंतु अब विभाग उपयुक्त भूमि की अनुपलब्धता का हवाला देकर निर्माण में देरी कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लालगंज नयी बस्ती मे सोनबरसा मौजा में लगभग साढ़े चार एकड़ जमीन राज्य सरकार के नाम से दर्ज है, बाढ़ खंड के निष्प्रयोज्य डाक बंगला जिसके परिसर में भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध है जो उपकेन्द्र का निर्माण के लिए उपयुक्त जमीनमजूद है। साथ ही बाजार के अगल बगल गाँव शिवपुर, फतेहपुर, बहुआरा, मुरारपट्टी आदि गांवों मे तमाम जीएस की जमीन खाली पड़ी है जिसपर जिसपर कुछ लोग कब्जा जमाये बैठे है l तहसील प्रशासन इच्छाशक्ति जताये तों जमीन की समस्या का समाधान चन्द घंटो मे दूर हो जाये l ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जनहित में जहां भी सुविधा हो, भूमि उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराना चाहिये ताकि क्षेत्र की विजली की समस्या दूर हो सके ।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड चार मूलचंद शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में बिजली की समस्या ओवरलोडिंग के कारण है। “लालगंज में विद्युत उपकेंद्र बन जाने पर ओवरलोड की समस्या समाप्त हो जाएगी और विद्युत आपूर्ति सुचारू हो सकेगी।”
इस संबंध में उपखंड अधिकारी हंसराज यादव ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह और तहसीलदार से मिलकर भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने दीपावली के बाद बैठक बुलाने और शीघ्र भूमि व्यवस्था का आश्वासन दिया है।
इनसेट:
“लालगंज में 33/11 केवीए का विद्युत उपकेंद्र स्वीकृत है। भूमि की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी और सभी बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।”
— आलोक प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी बैरिया



