
बलिया। स्वाधीनता के असहयोग आंदोलन के प्रथम शहीद पत्रकार पंडित रामदहिन ओझा की पुण्यतिथि पर बुधवार को जिले भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर के टीडी कॉलेज चौराहा और बांसडीह स्थित नवनिर्मित प्रतिमा स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
बलिया में भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने शहीद के बलिदान को याद करते हुए कहा कि पंडित रामदहिन ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद कलम को हथियार बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। पत्रकारिता के माध्यम से उनके लेख और सार्वजनिक सभाओं में दिए गए भाषण विदेशी शासन के खिलाफ जनमानस को प्रेरित करते थे। यह अंग्रेजों को असह्य था, जिसके कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा और मात्र 30 वर्ष की आयु में वे शहीद हो गए।

बांसडीह में विधायक केतकी सिंह के प्रतिनिधि विश्राम सिंह ने विधायक के व्यक्तिगत सहयोग से निर्मित गरिमामय प्रतिमा स्थल का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आमजन और जनप्रतिनिधियों को पंडित रामदहिन ओझा जैसे बलिदानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। जो समाज अपने प्राचीन गौरव को स्मरण रखता है, वही निरंतर उन्नति करता है।
शहर में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की ओर से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जबकि बांसडीह में एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी ने उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

श्रद्धांजलि देने वालों में उनके पौत्र एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रभात ओझा, अजय उपाध्याय ‘बबुआ’, अरविंद शुक्ल, सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’, अरुण सिंह बंटू, विनोद तिवारी, जैनेन्द्र पाण्डेय ‘मिंटू’, करुणानिधि तिवारी, अवनीश शुक्ल, हरिशंकर राय, संतोष सिंह, पंकज राय, श्यामनारायण तिवारी, डॉ. भवतोष पाण्डेय, विनय सिंह, कौशल सिंह, राजेश सिंह, चंद्रबली वर्मा, प्रमोद सिंह, मिथिलेश तिवारी, संजय कुमार सिंह, लल्लन प्रसाद, राकेश वर्मा, अर्जुन चौहान, प्रतुल ओझा, नरेंद्र ओझा, उपेन्द्र ओझा, सत्येंद्र ओझा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



