अतिवृष्टि व मोथा तूफान से फसलों को भारी नुकसान,मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का ऐतिहासिक प्रदर्शन

लालगंज (बलिया)। क्षेत्र में हुई लगातार अतिवृष्टि एवं मोथा तूफान से खरीफ अतिवृष्टि व मोथा तूफान से फसलों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का ऐतिहासिक प्रदर्शनफसलों को हुई भारी क्षति के विरोध में तथा दलहनी, तिलहनी एवं सब्जी फसलों के व्यापक नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर शुक्रवार को हजारों किसानों ने बैरिया तहसील परिसर में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।

यह विशाल किसान प्रदर्शन पूर्व सांसद वीरेन्द सिंह मस्त के पुत्र डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित हुआ। प्रदर्शन में बैरिया तहसील क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
किसानों का कहना था कि हाल के दिनों में हुई मूसलाधार बारिश और मोथा तूफान के कारण धान की खड़ी फसल गिरकर पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं अरहर, मूंग, उड़द जैसी दलहनी फसलें, सरसों सहित तिलहनी फसलें और सब्जियों की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर खेतों में जलभराव के कारण फसल सड़ गई, जिससे किसानों की पूरी मेहनत और पूंजी डूब गई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डॉ. विपुलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसान पहले से ही महंगाई, खाद-बीज और डीजल के बढ़ते दामों से परेशान है। ऊपर से प्राकृतिक आपदा ने उसकी कमर तोड़ दी है।
डा0 विपुलेंद्र ने कहा की सरकार तीन कुंतल प्रति एकड़ के हिसाब से मुवावजा देने की बात कर रही जबकि एक एकड़ मे औसत 25 कुंतल उपज होती है ल सरकार शीघ्र फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा नहीं दिया तो किसानों की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी। एसडीएम आलोक प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिया l उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित किसानों को तत्काल राहत प्रदान की जाए और मुआवजा राशि सीधे उनके खातों में भेजी जाए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने मांगपत्र के माध्यम से तहसील प्रशासन को अवगत कराया कि फसल नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, सभी प्रभावित फसलों को मुआवजा सूची में शामिल किया जाए तथा छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही।



