यूपी-बिहार को जोड़ने वाला पुल का निर्माण कार्य वर्षो से है बंद, तटवर्ती इलाको मे निराशा

लालगंज(बलिया)। शिवपुर गंगा नदी पर 233 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 1.88 किलोमीटर लंबा पक्का पुल पिछले लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। पुल का निर्माण कार्य ठप पड़े होने से उत्तर प्रदेश और बिहार के तटवर्ती ग्रामीणों में गहरी निराशा व्याप्त है।
इस पुल के निर्माण से जहां वर्षों पुरानी रिश्तेदारियों में नई जान आने की उम्मीद जगी थी, वहीं दोनों राज्यों के बीच सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को मजबूती मिलने की भी संभावना थी। ग्रामीणों को विश्वास था कि पुल बनने से आवागमन सुगम होगा और सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक संपर्क और अधिक सशक्त होंगे।
हालांकि,अधूरे निर्माण कार्य ने तटवर्ती क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों पर ग्रहण लगा दिया है। पुल का कार्य वर्ष 2023 से ही बंद पड़ा हुआ है, जिससे लोगों में असमंजस और आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार गंगा नदी पर बनने वाले इस पुल में कुल 19 पिलरों का निर्माण प्रस्तावित था, जिनमें से 13 पिलर बिहार साइड में तथा दो पिलर (पी-1 व ए-1) उत्तर प्रदेश साइड में नदी के ऊपरी सतह पर खेतों में बनाए गए थे। बाद में कटान के कारण भौगोलिक स्थिति में बदलाव हो गया और ये पिलर नदी की जद में आ गए। इसके चलते निर्माण इकाई सेतु निगम द्वारा कार्य रोक दिया गया और यह कहा गया कि अब पुल का मॉडल बदला जाएगा तथा उसकी लंबाई बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल पुल निर्माण की कोई स्पष्ट समय-सीमा तय न होने से तटवर्ती ग्रामीणों की उम्मीदें निराशा में बदलती जा रही हैं।
इस सम्बन्ध मे सेतुनिगम के प्रोजेक्ट मैंनेजर से पूछा गया तो उन्होंने कहा की कटान की वजह से पुल का माँड़लाईजेसने कर ब्यय बित समिति की बैठक मे पारित होकर शासन को गया है धन आवंटन होते ही कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा



