
दलनछपरा (बलिया)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तृतीय चरण के अंतर्गत हिंदू सम्मेलन समिति बलिया–मुरलीछपरा खंड द्वारा रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर, दोकटी के प्रांगण में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मुरलीछपरा खंड के सनातन प्रेमी संत समाज, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी, विशिष्ट अतिथि मातृशक्ति से श्रीमती खुशबू शर्मा, संत समाज से संत दास जी तथा कार्यक्रम अध्यक्ष परमानंद जी द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं आरती के साथ किया गया।

अतिथियों के सम्मान के उपरांत मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म चिर-पुरातन है, जिसकी परंपरा कभी किसी पर आघात करने की नहीं रही है। सनातन का मूल स्वभाव सह-अस्तित्व, समन्वय और सर्वकल्याणकारी है। उन्होंने कहा कि सनातन ने कभी किसी को परेशान नहीं किया, फिर भी आज के समय में भारत माता की जय और वंदे मातरम् न बोलने वालों की संख्या बढ़ना अत्यंत पीड़ादायक है।
मुख्य वक्ता ने कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को भारत माता की जय बोलनी चाहिए और राष्ट्रगीत का सम्मान करना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश आज ये विषय राजनीति की भेंट चढ़ गए हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि भारत माता की जय और वंदे मातरम् का उद्घोष करें, क्योंकि यह सनातन की अमूल्य धरोहर है।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष परमानंद जी द्वारा आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथि परिचय खंड कार्यवाह पवन जी ने किया। इस अवसर पर अंजनी उपाध्याय द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।
सम्मेलन में पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, युवा नेता विपुलेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख कन्हैया सिंह, शामू उपाध्याय, छोटेश्वर मिश्र, जिला प्रचारक अखिलेश्वर जी, जिला संपर्क प्रमुख अनिल सिंह, विनोद सुमित, प्रधानाचार्य रमेश सिंह, कामांतक पांडेय सहित सैकड़ों गणमान्य लोग एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



