
रसड़ा (बलिया)। नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर अखनपुरा रसड़ा में आयोजित सप्तशक्ति संगम कार्यशाला में “पंच परिवर्तन” विषय पर नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक जागरण का सशक्त संदेश दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. रजनी त्रिपाठी, प्राचार्य मां उर्मिला देवी महाविद्यालय देवरिया ने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी केवल सृजन की शक्ति नहीं, बल्कि परिवर्तन की प्रेरणा भी है। कार्यक्रम अध्यक्ष मऊ के भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीमती नूपुर अग्रवाल ने कहा कि नारी शिक्षा, सेवा और संस्कृति हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है तथा ऐसे आयोजन बालिकाओं में आत्मबल और नेतृत्व की भावना को प्रखर करते हैं। उपाध्यक्ष श्रीमती किरण सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बालिकाओं में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। विशिष्ट अतिथि श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य बालिका विद्यालय देवरिया ने कहा कि संस्कार ही नारी सशक्तिकरण की वास्तविक पहचान हैं।


जिला प्रमुख श्रीमती प्रतिमा सिंह, प्रधानाचार्य बालिका विद्यालय बलिया ने कहा कि नारी समाज का दीप है, जो सदैव प्रकाश फैलाता है। कार्यक्रम संयोजक श्रीमती नीलम सिंह ने कहा कि सप्तशक्ति संगम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बालिकाओं में मातृशक्ति, आत्मविश्वास और समाजसेवा की भावना विकसित करने का प्रयास है। कार्यक्रम में विद्यालय की बालिकाओं ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना दुर्गावती, अहिल्याबाई होल्कर के रूप में प्रेरक झांकियां प्रस्तुत की। विद्यालय के भैया-बहनों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीलाएं, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन धारण जैसे प्रसंगों का मनमोहक मंचन कर सभी को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पांडे तथा कार्यक्रम संरक्षक श्री अक्षय कुमार ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षिकाओं, भैया-बहनों एवं अभिभावकों की उत्साही भागीदारी रही।



