
दुबहड़,(बलिया )। 1857 की क्रांति के महान योद्धा शहीद मंगल पांडेय के 169वें बलिदान दिवस के अवसर पर उनके पैतृक गांव नगवां स्थित स्मारक पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। “1857 की क्रांति और वर्तमान परिवेश में इतिहासकारों की भूमिका” विषय पर आयोजित इस चर्चा में वक्ताओं ने शहीद मंगल पांडेय के ऐतिहासिक योगदान और इतिहासकारों द्वारा उनके प्रति किए गए न्याय पर गंभीर विचार व्यक्त किए।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शहीद मंगल पांडेय स्मारक सोसायटी के मंत्री ओम प्रकाश तिवारी ने कहा “शहीद मंगल पांडेय का बलिदान राष्ट्र धर्म और देश की रक्षा के लिए था। उन्हें शब्दों की सीमित परिधि में बांधना उचित नहीं है। दुर्भाग्यवश, इतिहासकारों ने उनके योगदान के साथ उस समय न्याय नहीं किया, जिसकी वे हकदार थे।”
जिला कांग्रेस कमेटी बलिया के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि मंगल पांडेय का बलिदान युगों-युगों तक अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता रहेगा।मंगल पांडेय विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकान्त पाठक ने आरोप लगाया कि अधिकतर इतिहासकारों ने तत्कालीन अंग्रेजी सत्ता को खुश करने के लिए अपनी लेखनी चलाई, जिसके कारण मंगल पांडेय जी के वास्तविक पराक्रम को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ जनार्दन राय ने कहा कि मंगल पांडेय जुल्म और अत्याचार के खिलाफ उठने वाली बुलंद आवाज का नाम है। वे अपने अदम्य साहस के लिए सदियों तक भारतीयों के दिलों में जीवित रहेंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंद्र प्रकाश पाठक ने शहीद मंगल पांडेय की यादों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए उनके स्मारक को और अधिक भव्य एवं विशाल बनाने का प्रस्ताव रखा।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल राय, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अरुण सिंह, संतोष चौबे, रूपेश चौबे आदि लोगों ने संबोधित किया। इस मौके पर शहीद मंगल पांडेय स्मारक सोसायटी नगवा द्वारा शहीद मंगल पांडेय के प्रपौत्र अनिल पांडे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार की उत्तराधिकारी सवरूबांध निवासी कृष्ण कुमार पांडे पूर्व सैनिक अरुणेश पाठक एवं अंगद सिंह को माल्यार्पण कर अंग वस्त्रम से सम्मानित किया।इस मौके पर मुख्य रूप से हरिशंकर पाठक, लालू पाठक, चंद्रकुमार पाठक, रणजीत सिंह, राधाकृष्ण पाठक, जागेश्वर मितवा, रमन पाठक, भुवनेश्वर पासवान, अरुणेश पाठक, गणेश जी सिंह, विनोद गुप्ता, विवेक पाठक, दीपक पासवान, विनय चौबे, विश्वनाथ पांडे, हरेराम पाठक व्यास, विजय यादव, गिरधर पाठक, शिवनाथ यादव सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
दुबहड़/बलिया से पन्ना लाल गुप्ता की रिपोर्ट:



